गाजियाबाद में C-D रैंक लाने वाले अधिकारी रहें सावधान-रैंक सुधारो या कार्रवाई झेलो, अधिकारियों को सीडीओ अभिनव गोपाल की दो टूक चेतावनी

-लक्ष्य पूरे न करने वाले विभागों पर सीडीओ सख्त, जवाबदेही तय करने के निर्देश
-शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ तो जिम्मेदार होंगे विभागाध्यक्ष
-सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने पर दिया गया विशेष जोर

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अब लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में सी या डी रैंक लाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट का विस्तार से परीक्षण किया। समीक्षा में कई विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य पूर्ण न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के माध्यम से सभी योजनाओं और विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की ढिलाई सीधे जिले की रैंकिंग को प्रभावित करती है।

सीडीओ अभिनव गोपाल ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष तथा दायित्वधारी अधिकारी अपने कार्यों के प्रति पूरी गंभीरता दिखाएं। यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यों में शिथिलता, कोताही या लापरवाही बरती जाती है और निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरे नहीं होते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा तय समय सीमा का पालन करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जनता से संबंधित शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। कई बार शिकायतें लंबित रहने या औपचारिक निस्तारण करने से शासन की मंशा प्रभावित होती है, जिससे जिले की रैंकिंग गिरती है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा।

सीडीओ ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड केवल आंकड़ों का मूल्यांकन नहीं बल्कि प्रशासनिक दक्षता और कार्य संस्कृति का भी प्रतिबिंब है। यदि किसी विभाग की लापरवाही के कारण जिले को सी या डी रैंक प्राप्त होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब कार्यप्रणाली में सुधार लाना अनिवार्य है। बैठक में सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचे, इसके लिए फील्ड स्तर पर सक्रियता बढ़ाई जाए। अधिकारियों से कहा गया कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाई जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।

सीडीओ ने अधिकारियों को टीमवर्क की भावना से काम करने की सलाह देते हुए कहा कि विकास कार्यों की गति तभी बढ़ेगी जब सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित समीक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही से ही जिले को राज्य स्तर पर बेहतर स्थान दिलाया जा सकता है। बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि समयबद्ध लक्ष्य, बेहतर प्रदर्शन और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, तभी जिले को उत्कृष्ट श्रेणी में लाया जा सकेगा।