भारी बर्फबारी और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें
कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में मौसम एकाएक बिगड़ गया है। भारी बर्फबारी और भू-स्खलन के कारण नागरिकों की मुसीबत बढ़ गई है। एहतियात के तौर पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा है। फिलहाल इस राजमार्ग पर वाहनों को जाने-आने की अनुमति नहीं है। उधर, जनपद डोडा के गुरमुल गांव में भारी बारिश के बाद भूस्खलन होने की खबर है। ऐसे में कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा है। सरकारी तंत्र के मुताबिक 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर यातायात को रोक दिया गया है। जवाहर टनल में बर्फ की 9 इंच की परत जमा हो गई है। इसके अलावा मरोग, मगेरकोट और पंथियाल में बारिश के बाद विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण से यातायात पर असर पड़ा है। रणनीतिक रूप से अह्म सड़क पर यातायात तेजी से बहाल करने की कोशिश चल रही हैं। यह सड़क कश्मीर घाटी को देश के शेष हिस्सों से जोड़ती है। डोडा जिले में कास्तीगढ़ के गुरमुल गांव में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से प्रभावित 8 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। जिला प्रशासन ने इन परिवारों को रहने के लिए स्थान एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां को जम्मू क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों को जोडऩे वाला वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड पी की गली और आस-पास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद 8 दिसंबर को यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। जनपद किश्तवाड़ के अलग-अलग हिस्सों में 3 से 9 इंच तक बर्फबारी हुई है। जम्मू में रातभर बारिश होने के बाद स्थिति बिगड़ी है। उधर, मौसम विज्ञान विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि समूचे जम्मू-कश्मीर में मौसम धीरे-धीरे सुधर रहा है। लद्दाख के आसमान में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। 20 दिसंबर तक बड़े स्तर पर बर्फबारी होने की उम्मीद नहीं है।















