-45 डिग्री तापमान में छह घंटे चला अभियान, स्वीमिंग पूल-दुकानें और गोदाम सील
-करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जामुक्त, अवैध निर्माणकर्ताओं में मचा हड़कंप
-ग्रीन बेल्ट खाली कराने का अल्टीमेटम, शहर में नहीं बख्शा जाएगा कोई कब्जाधारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम की ग्रीन बेल्ट पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों के खिलाफ बुधवार को नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने संयुक्त रूप से बड़ा अभियान चलाया। महापौर सुनीता दयाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और भीषण गर्मी के बावजूद करीब छह घंटे तक खड़े रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी की। इस दौरान अवैध रूप से संचालित स्वीमिंग पूल, दुकानें, गोदाम, स्पोर्ट्स एकेडमी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए कई परिसरों को सील कर दिया गया। नगर निगम और जीडीए की टीम ने कनावनी पुलिया से लेकर 100 फुटा रोड और एनएच-9 तक फैली ग्रीन बेल्ट का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। महापौर के निर्देश पर संतोष एंटरप्राइजेज, यूबीसीए स्पोर्ट्स एकेडमी और एसके स्वीमिंग पूल को तत्काल प्रभाव से सील किया गया। संचालकों से अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन किसी के पास वैध स्वीकृति नहीं मिली। अभियान के दौरान यह भी पाया गया कि ग्रीन बेल्ट में झुग्गियां बसाकर लोगों से किराया वसूला जा रहा था। कुछ स्थानों पर गोदाम और अस्थायी निर्माण कर व्यवसाय चलाए जा रहे थे। महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी।
ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में बसे रोहिंग्या परिवारों को तत्काल झुग्गियां हटाने का नोटिस दिया गया और गुरुवार तक क्षेत्र खाली करने के निर्देश जारी किए गए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई कर लकड़ी का ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था तथा झुग्गियों में अवैध बिजली कनेक्शन चल रहे थे। इस पर संबंधित विभागों को अलग से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। महापौर ने बताया कि इंदिरापुरम की यह ग्रीन बेल्ट जीडीए की महत्वपूर्ण योजना का हिस्सा है और मुख्य मार्ग से लगी होने के कारण इसकी कीमत करोड़ों रुपये में है। कार्रवाई में जीडीए प्रवर्तन जोन-6 के प्रभारी अधिशासी अभियंता योगेश पटेल, सहायक अभियंता रूद्रेश शुक्ला, अवर अभियंता गोपाल कृष्ण शर्मा तथा नगर निगम उद्यान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने कई अन्य अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर एक सप्ताह के भीतर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कनावनी क्षेत्र के सामने एसटीपी के पास सरकारी भूमि पर अवैध नर्सरी संचालित होने का मामला भी सामने आया, जहां जमीन को निजी बताकर किराया वसूला जा रहा था। महापौर ने मौके पर उद्घोषणा कराकर जमीन खाली कराने के निर्देश दिए और संबंधित लोगों से स्वामित्व के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि शहर की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि गाजियाबाद में सरकारी जमीन का एक इंच भी कब्जे में नहीं रहने दिया जाएगा। पूर्व में एनएच-9 से सटी ग्रीन बेल्ट को खाली कराया जा चुका है और अब गुरुद्वारा रोड की पूरी ग्रीन बेल्ट को चरणबद्ध तरीके से कब्जामुक्त कराया जाएगा। नगर निगम और जीडीए आने वाले दिनों में संयुक्त अभियान को और तेज करेंगे ताकि शहर की हरियाली और सार्वजनिक भूमि सुरक्षित रह सके।
















