-गौवंश सुरक्षा और दुग्ध क्रांति की नई लहर, यूपी में दो सौ गाय पालने पर दो करोड़ का अनुदान
-पशुधन मंत्री की सख्त चेतावनी- गौवंश की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं, हर शिकायत पर होगी त्वरित कार्यवाही
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन में गौआश्रय स्थलों की गहन समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम्य विकास, शहरी विकास, राजस्व, पंचायती राज और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौवंश से संबंधित केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि वास्तविक ज़रूरतमंद लाभांवित हो सकें और गौवंश का संरक्षण प्रभावी रूप से हो सके। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत जनपद गाजियाबाद में अब तक 680 लाभार्थियों को कुल 1165 गौवंश सुपुर्द किए गए हैं। समीक्षा के पश्चात पत्रकारों से बातचीत में श्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए जो योजनाएं लागू की गई हैं, उनमें से किसान समृद्धि योजना अत्यंत प्रभावशाली है।
इस योजना के अंतर्गत अब एक अच्छी नस्ल की गाय पालने पर चालीस हजार रुपए की सहायता और दो सौ गायें पालने पर दो करोड़ रुपए तक की अनुदान राशि दी जाएगी। यह योजना केवल पशुपालन को बढ़ावा नहीं देती, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक संरचना को भी मजबूत बनाती है। मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार गाय पालने वालों को नि:शुल्क गायें भी प्रदान कर रही है और साथ ही उन्हें पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। सरकार कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से देशी गायों की नस्लों में सुधार लाने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही बछड़ों का बधियाकरण, पशुओं का नियमित टीकाकरण और निराश्रित गौवंशों की चिकित्सा व्यवस्था को भी सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। गौवंश की देखभाल, सुरक्षा और पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में कुल 520 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां सक्रिय हैं, जो घायल या बीमार पशुओं की सेवा के लिए तैनात हैं।
किसी भी पशु की बीमारी या उपेक्षा की स्थिति में जनता 1962 टोल-फ्री नंबर पर सूचना दे सकती है। श्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी गौवंश सड़कों पर बेसहारा न दिखे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोचर भूमियों की पहचान कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और गौशालाओं में चारे-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि सरकार न केवल गायों बल्कि बकरी पालन, मुर्गी पालन और सुअर पालन को भी प्रोत्साहन दे रही है, ताकि पशुपालकों को वैकल्पिक आय के अवसर मिल सकें। मंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज देश में दूध उत्पादन में नंबर एक राज्य बन चुका है, और यह स्थिति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। श्री धर्मपाल सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि गौवंश हमारी सांस्कृतिक आत्मा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
प्रदेश सरकार सिर्फ योजनाएं नहीं चला रही, बल्कि किसानों, पशुपालकों और पूरे समाज को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन लेकर काम कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप कार्य करते हुए पशुपालकों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को शीघ्र ही साकार करेगी। बैठक के उपरांत पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने रविवार को वृहद गोसंरक्षण केन्द्र मीरपुर हिन्दू विकास खण्ड लोनी का निरीक्षण करते हुए एक सशक्त संदेश दिया कि अब हर गोवंश को संरक्षण, चारा, चिकित्सा और आत्मनिर्भरता का हक मिलेगा और वह भी बिना देरी, बिना बहाने। निरीक्षण के दौरान मौके पर 368 गोवंश सुरक्षित पाए गए, जिनकी व्यवस्था, भरण-पोषण, हरा चारा, भूसा और दाने की स्थिति का मंत्री जी ने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। बैठक में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने एडीएम प्रशासन रणविजय सिंह, एसडीएम सदर अरूण दीक्षित,प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव,अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.एसपी पांडेय, जिला पंचायत राज विकास अधिकारी प्रदीप द्विवेदी,सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी,नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी,पशु चिकित्सा अधिकारी,उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी शामिल थे।
कृत्रिम गर्भाधान और नस्ल सुधार से बदलेगा देशी गायों का भविष्य
मंत्री ने जानकारी दी कि अब गायों की नस्लों को वैज्ञानिक तरीके से सुधारा जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान, बछड़ों का बधियाकरण, और बीमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण जैसे उपायों के माध्यम से गायों की उत्पादकता बढ़ाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य दुधारू गायों की संख्या बढ़ाना और देशी नस्लों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
520 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयाँ, हर बीमार पशु को मिलेगा त्वरित इलाज
उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुओं की आपातकालीन चिकित्सा के लिए 520 मोबाइल पशु चिकित्सा दल तैनात किए हैं। टोल फ्री नंबर 1962 पर फोन करके कोई भी नागरिक घायल या बीमार गायों व अन्य पशुओं की सूचना दे सकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी आवारा व निआश्रित गौवंश सड़क पर न दिखे, यह हमारी प्रशासनिक जवाबदेही है।
गोचर भूमि को कराया जाएगा कब्जा मुक्त, चारे-पानी की व्यवस्था में प्राथमिकता
बैठक में पशुधन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोचर भूमि को चिन्हित कर कब्जा मुक्त कराएं और गौआश्रयों में चारे व पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, बकरी पालन, सुअर पालन, और मुर्गी पालन को भी प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान योजनाएं शुरू की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य सरकार अब इसे बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है।

















