नोएडा एयरपोर्ट से सीधे जुड़ेगा दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, यात्रियों को मिलेगी विश्वस्तरीय सुविधा

  • दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट महज 21 मिनट में पहुँचना होगा संभव, एयरपोर्ट की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ेगी
  • कॉरिडोर हरियाणा के रुंधी से बुलंदशहर तक जाएगा, नोएडा सेक्टर-148 और एयरपोर्ट सेक्टर-21 में प्रस्तावित स्टेशन
  • स्टेशन में मेट्रो, बस, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं का सीधा कनेक्शन, यात्रियों की आवाजाही और आसान होगी

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे जुड़ने जा रहा है। हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस परियोजना के तहत नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर पर स्टेशन बनाने को टेंपरेरी मंजूरी दे दी है। इस कदम से नोएडा एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार, हाई-स्पीड ट्रेन दिल्ली से नोएडा एयरपोर्ट महज 21 मिनट में पहुंचेगी। यह सुविधा यात्रियों के लिए समय की बचत के साथ-साथ एयरपोर्ट की सुलभता बढ़ाएगी। इस स्टेशन को ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे यात्री मेट्रो, बस, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं का सीधे लाभ उठा सकेंगे। इससे नोएडा एयरपोर्ट देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल होगा, जो सीधे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़े हैं।

दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर हरियाणा के रुंधी से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर तक जाएगा। इस मार्ग में गौतमबुद्ध नगर जिला भी शामिल है, जहां नोएडा सेक्टर-148 और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सेक्टर-21 में स्टेशन प्रस्तावित हैं। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के ओएसडी शैलेन्द्र भाटिया ने बताया कि स्टेशन को लेकर सहमति बन चुकी है और प्राधिकरण इस परियोजना को पूर्ण समर्थन दे रहा है। ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर में प्रस्तावित स्टेशन के माध्यम से यात्री मेट्रो, बस, टैक्सी, रैपिड रेल और अन्य परिवहन विकल्पों का सीधा लाभ उठा सकेंगे। स्टेशन पर आधुनिक टिकटिंग सिस्टम, प्रतीक्षालय, सूचना केंद्र, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए समय की बचत और यात्रा का अनुभव सहज होगा।

आगामी चरण में स्टेशन के लिए जमीन आवंटन, डिजाइन प्लानिंग और निर्माण कार्य की विस्तृत चर्चा होगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट और दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का सीधा कनेक्शन देशभर में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए मिसाल बनेगा। नोएडा एयरपोर्ट अब देश के उन एयरपोर्ट्स में शामिल होगा, जो हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से सीधे जुड़े हैं। इस परियोजना से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि एयरपोर्ट का महत्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ेगा। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर जिले की आर्थिक और पर्यटन संभावनाओं में भी बढ़ोतरी होगी।

यमुना प्राधिकरण और हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों का कहना है कि परियोजना में सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से नोएडा एयरपोर्ट और क्षेत्र की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी और यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। नोएडा एयरपोर्ट का दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुडऩा न केवल यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा है, बल्कि यह गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिले के लिए विकास और पर्यटन के नए आयाम खोलेगा। यह पहला एयरपोर्ट होगा जो सीधे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ेगा और देशभर में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

शैलेन्द्र भाटिया
ओएसडी, यमुना प्राधिकरण (यीडा)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोडऩे की योजना के लिए आवश्यक सहमति प्राप्त कर ली गई है। यह स्टेशन ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर के हिस्से के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यात्री मेट्रो, बस, टैक्सी और अन्य परिवहन सेवाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे।यमुना प्राधिकरण इस परियोजना का पूर्ण समर्थन कर रहा है और आगामी चरण में जमीन आवंटन, डिजाइन और निर्माण कार्य को लेकर विस्तृत योजना बनाई जाएगी। परियोजना पूरी तरह आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी, जिससे नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी तेज और सुविधाजनक होगी तथा इसका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व बढ़ेगा।
शैलेन्द्र भाटिया
ओएसडी, यमुना प्राधिकरण (यीडा)