निशुल्क खाद्यान्न वितरण, 10 से 25 सितम्बर तक उचित दर की दुकानों पर वितरण जारी रहेगा

-जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने पारदर्शी वितरण व्यवस्था का भरोसा दिलाया
-अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को मिलेगा गेहूं, चावल और चीनी
-ई-पॉस मशीन से सुनिश्चित होगी वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में लाखों राशनकार्डधारकों के लिए खुशखबरी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने सितम्बर माह का खाद्यान्न अग्रिम रूप से वितरण कराने का निर्णय लिया है। यह वितरण 10 सितम्बर से 25 सितम्बर 2025 तक जिले की सभी उचित दर दुकानों पर निशुल्क कराया जाएगा। इस निर्णय से गरीब और वंचित परिवारों को बड़ा सहारा मिलेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 14 किलोग्राम गेहूं और 21 किलोग्राम चावल मिलेगा। वहीं, पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 2 किलोग्राम गेहूं और 3 किलोग्राम चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा अंत्योदय कार्डधारकों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर 2025 के लिए तीन किलोग्राम चीनी मात्र 18 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर लाभार्थी तक समय से खाद्यान्न पहुंचे।

विभाग ने वितरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक खाद्यान्न वितरण होगा। उचित दर विक्रेता प्रतिदिन सीमित संख्या में टोकन बांटेंगे, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पूरा वितरण ई-पॉस मशीनों के माध्यम से होगा और नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में ही यह प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। मोबाइल ओटीपी आधारित वितरण की अंतिम तिथि 25 सितम्बर तय की गई है। अमित तिवारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल खाद्यान्न वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहितकारी हो। ई-पॉस मशीनों के इस्तेमाल से ओवररेटिंग और कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया गया है। शासन की प्राथमिकता है कि जनता को सही समय पर उसका हक मिले। विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि सभी उचित दर विक्रेता दुकानों पर वितरण से पहले सूचना चस्पा कर दें, ताकि कार्डधारकों को पहले से जानकारी हो।

साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति में लाभार्थी सीधे अपने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों से संपर्क कर सकते हैं। जिला पूर्ति कार्यालय गाजियाबाद का हेल्पलाइन नंबर 0120-3761964 भी इस काम के लिए जारी किया गया है। पूर्ति विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्रों में भ्रमणशील रहेंगे और मौके पर ही वितरण की निगरानी करेंगे। अमित तिवारी ने कहा कि यदि किसी लाभार्थी को कोई समस्या आती है, तो तुरंत अधिकारियों को अवगत कराएं। विभाग की जिम्मेदारी है कि हर परिवार को उसका हक समय से मिले।

यह भी उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद जिले में हर महीने लाखों परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। इस बार का अग्रिम वितरण अभियान उन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है, जो महंगाई और जीवन-यापन की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। सरकार और प्रशासन की यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं।