- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को किया सम्मानित
- उत्तर प्रदेश में दूसरा और पूरे देश में पांचवां स्थान, 2 करोड़ रुपए का पुरस्कार हासिल
- 11,406 वर्षा जल संचयन संरचनाओं और 140 तालाबों के जीर्णोद्धार से बढ़ा जलस्तर
- जनभागीदारी मॉडल से जल संचयन अभियान में मिली अप्रतिम सफलता
- पुरस्कार राशि का इस्तेमाल शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल संरक्षण परियोजनाओं में होगा
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जल संचय और जल भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए गाजियाबाद नगर निगम को मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत किया गया। दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नगर निगम के महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को सम्मानित किया। इस उपलब्धि के साथ ही नगर निगम को केंद्र सरकार की ओर से 2 करोड़ रुपए का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम ने शहर में जल संचयन और जल भागीदारी के क्षेत्र में अहम पहल की है। नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा शहर में 11,406 जल संचयन संरचनाएँ बनाई गई हैं। इन संरचनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ-साथ तालाबों का जीर्णोद्धार और पुनर्जीवन कार्य भी शामिल है। जल शक्ति मंत्रालय और शहरी विकास विभाग द्वारा नगर निगम को देश में पांचवां और उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के तहत गाजियाबाद की जल संचयन और जल भागीदारी की पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नगर निगम को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने गाजियाबाद नगर निगम द्वारा किए जा रहे जल संचयन और जल भागीदारी के कामों की सराहना की। इस अवसर पर जलकल विभाग के महाप्रबंधक कामाख्या प्रसाद आनंद और अधिशासी अभियंता जल आस कुमार भी उपस्थित रहे। महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि नगर निगम लगातार शहर हित में कार्य करने के साथ-साथ अपनी एक विश्वस्तरीय पहचान भी बना रहा है। जल संचय और जल भागीदारी के क्षेत्र में गाजियाबाद की प्रशंसा राष्ट्रीय स्तर पर हुई है।
महापौर ने कहा कि जलकल विभाग द्वारा नागरिकों को जल संचयन के म
हत्व के प्रति जागरूक किया गया और लोगों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान और भी प्रभावशाली बना है। उन्होंने शहरवासियों को पुरस्कार मिलने की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। नगर निगम के अनुसार, इस पुरस्कार और वित्तीय सहयोग से गाजियाबाद में जल संचयन और भागीदारी के क्षेत्र में नई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। यह शहरवासियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। गाजियाबाद नगर निगम की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समान दृष्टि, प्रशासनिक क्षमता और नागरिक सहभागिता से जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान अर्जित किया जा सकता है।
140 तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य जारी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम ने शहर के जल स्तर को सुधारने के लिए व्यापक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने बताया कि पांचों जोनों में कुल 11,406 वर्षा जल संचयन संरचनाएँ स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही लगभग 140 तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य जारी है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह प्रयास जल संचयन-जनभागीदारी मॉडल को मजबूत करने का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार स्वरूप प्राप्त राशि का उपयोग शहर में और अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब सुधार और भूजल संरक्षण परियोजनाओं में किया जाएगा।
टीम व कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना
नगर आयुक्त ने अपनी टीम और संबंधित अधिकारियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की समर्पित मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में जल संरक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा और नगर निगम भविष्य में भी इस दिशा में सक्रिय प्रयास करता रहेगा। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम न केवल शहर में जल संचयन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि इसकी पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी मिली है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार शहरवासियों के सहयोग और प्रशासन की योजना कार्यान्वयन क्षमता का परिणाम है।
जल संचयन और जल भागीदारी का महत्व
नगर निगम द्वारा स्थापित जल संचयन संरचनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, तालाब सुधार और सामुदायिक जल संरचनाएँ शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य शहर के भूजल स्तर को बढ़ाना, वर्षा जल का सदुपयोग करना और नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। नगर निगम की यह पहल गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लिए सकारात्मक बदलाव ला रही है। भविष्य में पुरस्कार की राशि से और अधिक संरचनाएँ बनाई जाएँगी और जल संरक्षण कार्यक्रम को और विस्तारित किया जाएगा।
















