-पांच वर्षों से न्याय के लिए भटक रहा था परिवार, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से मिला अपना घर
-जिलाधिकारी की सख्ती से अवैध कब्जा हटाया गया, विधिवत कराया गया गृह प्रवेश
-भू-माफियाओं को खुली चेतावनी, गरीबों की संपत्तियों पर कब्जा करने वालों पर चलेगा विशेष अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित कार्रवाई का एक प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब वर्षों से अपने ही घर से बेदखल एक पीडि़त परिवार को मात्र 24 घंटे के भीतर न्याय मिल गया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को भू-माफियाओं के कब्जे से मकान मुक्त कराया गया और पीडि़त परिवार का विधिवत गृह प्रवेश कराकर उसे उसका अधिकार वापस दिलाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है और इसे गरीबों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। सजवान नगर, विजयनगर निवासी ईश्वर पटेल ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि उनके पिता विधासागर पटेल ने वर्ष 2004 में 60 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदकर विधिवत रजिस्ट्री कराई थी और उस पर मकान बनाकर परिवार सहित रह रहे थे। वर्ष 2021 तक परिवार शांतिपूर्वक अपने घर में निवास कर रहा था, लेकिन बीमारी के कारण परिवार को दिल्ली में उपचार के लिए जाना पड़ा। इसी दौरान कुछ लोगों ने मकान पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया। पीडि़त परिवार का आरोप है कि पिछले लगभग पांच वर्षों से वे विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं से भी उन्हें राहत नहीं मिली।
न्याय की आस लगभग टूट चुकी थी, तभी उन्हें जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की जनसुनवाई और त्वरित निर्णय लेने की कार्यशैली के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से संपर्क कर अपनी समस्या बताई। ईश्वर पटेल के अनुसार उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनके परिवार को उसका वैधानिक अधिकार दिलाया जाए। मामले की गंभीरता को समझते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्वामित्व संबंधी अभिलेखों, रजिस्ट्री दस्तावेजों और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया और मात्र 24 घंटे के भीतर पीडि़त परिवार को दोबारा उसके मकान का कब्जा दिला दिया। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में परिवार का विधिवत गृह प्रवेश भी कराया गया। इस अवसर पर भावुक हुए ईश्वर पटेल ने कहा कि जिस न्याय के लिए उनका परिवार वर्षों से भटक रहा था, वह न्याय जिलाधिकारी की पहल से एक दिन में मिल गया।
उन्होंने जिलाधिकारी को अपने परिवार के लिए ‘संकट मोचन’ बताते हुए कहा कि वर्षों बाद उन्हें अपने घर की चौखट पर लौटने का अवसर मिला है। परिवार ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनपद में किसी भी गरीब, असहाय या कमजोर व्यक्ति की संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी व्यक्ति की भूमि, मकान या अन्य संपत्ति पर अवैध कब्जा किया गया है तो ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन जल्द ही विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान करेगा और गरीबों की संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराकर वास्तविक स्वामियों को उनका अधिकार दिलाएगा। इसके साथ ही पात्र लोगों का विधिवत गृह प्रवेश भी कराया जाएगा, ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक अपने घर में रहने का अवसर मिल सके। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने क्षेत्र में मुनादी भी कराई, जिसके माध्यम से भू-माफियाओं, अवैध कब्जाधारियों और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश दिया गया।
मुनादी में स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि कानून का शासन स्थापित हो तथा गरीब और कमजोर वर्ग को त्वरित न्याय मिले। इसी नीति के तहत जनपद प्रशासन पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक मामले को गंभीरता से लिया जाता है और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। मौके पर उप जिलाधिकारी अरुण दीक्षित, जिला सूचना अधिकारी योगेन्द्र प्रताप सिंह, एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय, राजस्व विभाग के अधिकारी, स्थानीय पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी हुई।















