- डीसीपी धवल जायसवाल की सख्ती से नगर जोन में बदली कानून-व्यवस्था की तस्वीर
- नववर्ष से पहले नगर पुलिस कमिश्नरेट का आमजन को सुरक्षा संदेश
- लूट, स्नैचिंग और वाहन चोरी के कुख्यात बदमाश पुलिस की गिरफ्त में
- आठ थाना क्षेत्रों में चला सुनियोजित पुलिस अभियान
- 260 से अधिक संगीन मामलों का खुलासा, आदतन अपराधी चिन्हित
- 52 मुठभेड़ों में 91 वांछित अपराधी दबोचे गए, लूट से वाहन चोरी तक अपराधियों की पूरी कुंडली आई सामने
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नववर्ष से पहले आमजन को नगर जोन पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने सुरक्षा को तोहफा दिया है। नगर जोन में अपराध और अपराधियों पर निर्णायक प्रहार करते हुए डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने सिटी जोन में पुलिसिंग को एक नई धार दी है। उनकी सक्रिय, अनुशासित और परिणामोन्मुख कार्यशैली का असर साफ नजर आ रहा है। एक ओर जहां आम नागरिक खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अपराधियों में पुलिस का खौफ स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वर्ष 2025 में नगर जोन कमिश्नरेट द्वारा की गई 52 पुलिस मुठभेड़ों में 91 वांछित और आदतन अपराधियों की गिरफ्तारी इस बदली हुई पुलिसिंग का बड़ा प्रमाण बनकर सामने आई है। पुलिस आयुक्त रविन्द्र गौड़ के निर्देशन में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के नेतृत्व में यह अभियान विशेष रूप से उन अपराधियों के खिलाफ चलाया गया, जो लंबे समय से लूट, स्नैचिंग, नकाबजनी, गृहभेदन, वाहन चोरी और अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त थे। पुलिस का मुख्य उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराध की जड़ पर प्रहार कर नागरिकों को सुरक्षित, संरक्षित और अपराध मुक्त वातावरण देना रहा।
नगर जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई इन मुठभेड़ों ने अपराधियों की पूरी कुंडली खोलकर रख दी। कोतवाली, विजयनगर, सिहानीगेट, नंदग्राम, कविनगर, मधुबन-बापुधाम, क्रॉसिंग रिपब्लिक और वेव सिटी जैसे थाना क्षेत्रों में सक्रिय बदमाशों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। विजयनगर और कविनगर जैसे क्षेत्रों में लूट और स्नैचिंग के मामलों में शामिल कई कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ दर्जनों मुकदमे पहले से दर्ज थे। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में बड़ी संख्या ऐसे बदमाशों की थी, जो बार-बार अपराध कर कानून को चुनौती दे रहे थे। इन अपराधियों पर कुल मिलाकर लूट और स्नैचिंग के 129, टैप्पेबाजी के 14, नकाबजनी और गृहभेदन के 33, वाहन चोरी के 54 और अन्य चोरी के 30 से अधिक गंभीर मामले दर्ज पाए गए। यह आंकड़े बताते हैं कि ये अपराधी केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थे, बल्कि पूरे नगर जोन में दहशत फैलाने का काम कर रहे थे।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल की रणनीति स्पष्ट रही-पहले अपराधियों की पहचान, फिर उनकी सतत निगरानी और अंत में कानूनी कार्रवाई। बीट स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों, स्थानीय सूचनाओं और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आदतन अपराधियों की सूची तैयार की गई। इसके बाद विशेष पुलिस टीमों का गठन कर सुनियोजित ढंग से चेकिंग और घेराबंदी की गई, जिसके चलते कई मुठभेड़ों में अपराधी दबोचे गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन मुठभेड़ों का उद्देश्य केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपराधियों में निरोधक प्रभाव पैदा करना था। इसका असर अब जमीन पर दिखने लगा है। जिन इलाकों में पहले लगातार लूट और चोरी की घटनाएं सामने आती थीं, वहां अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। नागरिकों का भरोसा पुलिस पर और मजबूत हुआ है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि गाजियाबाद पुलिस की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा है। कोई भी अपराधी कितना ही शातिर क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर जोन में अपराध करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है और यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
नगर जोन में 52 मुठभेड़ों से टूटी अपराधियों की कमर, 91 वांछित सलाखों के पीछे
नगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सख्त कार्रवाई की गई। नगर जोन कमिश्नरेट की सक्रियता के परिणामस्वरूप कुल 52 मुठभेड़ में 91 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इन मुठभेड़ों के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपराधियों के खिलाफ कुल 260 से अधिक अभियोग दर्ज किए गए।
कोतवाली थाना क्षेत्र में पांच मुठभेड़ के दौरान आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इन पर कुल 12 मामलों में लूट, टैप्पेबाजी, वाहन चोरी और अन्य चोरी के अभियोग दर्ज हैं। विजयनगर थाना में 12 मुठभेड़ में 20 अपराधियों को पकड़ा गया, जिनके खिलाफ कुल 53 अभियोग दर्ज किए गए हैं। सिहानीगेट थाना क्षेत्र में चार मुठभेड़ के दौरान आठ अपराधी पकड़े गए, जिन पर कुल 35 मामलों में लूट, टप्पेबाजी, नकाबजनी और अन्य चोरी के अभियोग दर्ज हैं। नंदग्राम थाना में चार मुठभेड़ में पांच अपराधी गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ कुल 17 अभियोग दर्ज किए गए। कविनगर थाना में आठ मुठभेड़ में 17 अपराधियों को पकड़कर कुल 46 अपराध दर्ज किए गए।
मधुबन/बापुधाम में छह मुठभेड़ में नौ अपराधी गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ कुल 38 अभियोग दर्ज हुए। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में पांच मुठभेड़ में 14 अपराधियों को पकड़ा गया और कुल 39 अभियोग दर्ज किए गए। वहीं, वेव सिटी थाना में आठ मुठभेड़ में 10 अपराधी गिरफ्तार हुए और उनके खिलाफ कुल 20 अभियोग दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नगर जोन कमिश्नरेट पुलिस गाजियाबाद की सतत निगरानी और सख्त कार्रवाई से अपराधियों में भय उत्पन्न हुआ है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों की पहचान उनके पूर्व अपराध रिकॉर्ड, स्थानीय सूचनाओं और बीट स्तर की जानकारी के आधार पर की गई।

डीसीपी सिटी
नगर जोन पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के तहत अपराधियों पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से आमजन की सुरक्षा और शहर को अपराध मुक्त बनाना रहा है। वर्ष 2025 में कुल 52 मुठभेड़ों में 91 वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे अपराधियों में भय पैदा हुआ और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। हम अपराधियों की पहचान पूर्व अपराध रिकॉर्ड, स्थानीय सूचनाओं और बीट स्तर की जानकारी के आधार पर करते हैं। हमारी टीम सतत निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण सुनिश्चित कर रही है। नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। यह हमारी साझा जिम्मेदारी है कि गाजियाबाद को सुरक्षित और संरक्षित शहर बनाएं।
धवल जायसवाल
डीसीपी सिटी
















