-मेहनत, धैर्य और रणनीति के बल पर अक्षित ने तीसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम किया रोशन, कम उम्र में दिखाया अद्भुत खेल कौशल
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा/गाजियाबाद। शतरंज के खेल में युवा प्रतिभाओं का दमखम हमेशा दर्शकों और खेल प्रेमियों को प्रभावित करता है। हाल ही में नोएडा में आयोजित अंडर-15 रेपिड चेस फेस्टिवल में गाजियाबाद के मेरठ रोड डीपीएस पब्लिक स्कूल के छात्र अक्षित शर्मा ने यह साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है, जब जुनून, मेहनत और लगन साथ हों। यह प्रतियोगिता ग्लोबल स्पोर्ट्स एकेडमी चेस फेस्टिवल और टैक्टिकल सपोर्ट माइंडगेम्स चेस एकेडमी के तत्वावधान में सेक्टर-50, नोएडा स्थित रामाज्ञया स्कूल में आयोजित की गई। अंडर-15 वर्ग में 2010 या उसके बाद जन्मे खिलाड़ी भाग लेने के पात्र थे। नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों के सैकड़ों प्रतिभागियों ने इस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। अक्षित शर्मा ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में तीसरा स्थान प्राप्त किया और पूरे जिले का नाम रौशन किया। अक्षित की खासियत यह है कि वे हमेशा अपने से बड़े और अनुभवी खिलाड़ीयों के साथ खेलते हैं और हर मैच को सीखने का अवसर मानते हैं। उनके खेल में रणनीति, धैर्य और मानसिक मजबूती स्पष्ट दिखाई देती है।
अक्षित ने अपनी सफलता पर बताते हुए कहा कि मैंने इस प्रतियोगिता में हमेशा अपनी योजना के अनुसार खेला और हर चाल को सोच-समझकर चलने की कोशिश की। शतरंज केवल खेल नहीं, बल्कि यह मानसिक दृढ़ता और सही निर्णय लेने की कला भी सिखाता है। मैं चाहता हूं कि मेरी मेहनत अन्य युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा बने। मैंने हर मैच को चुनौती मानकर खेला और यही मेरी सफलता का मुख्य कारण रहा। अक्षित के माता-पिता, प्रीति शर्मा और मनोज शर्मा, अपनी संताने की उपलब्धि से बेहद गर्वित हैं। उन्होंने कहा कि अक्षित ने छोटी उम्र से ही शतरंज में लगन दिखाई है और हमेशा खेल के साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखा है। उनके माता-पिता का मानना है कि उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
टूर्नामेंट में अंडर-10 और अंडर-15 की दो श्रेणियां थीं। अक्षित ने अंडर-15 केटेगरी में उत्कृष्ट खेल दिखाया और तीसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपने स्कूल और जिले का मान बढ़ाया। उनके खेल में केवल तकनीकी कौशल ही नहीं बल्कि मानसिक मजबूती और विपरीत परिस्थितियों में सही फैसले लेने की क्षमता भी दिखाई दी।
प्रतियोगिता के दौरान अक्षित ने कई कठिन मुकाबले खेले और अपने अनुभव एवं अनुशासन के बल पर प्रतिद्वंदियों को मात दी। जजों और दर्शकों ने भी उनके खेल की सराहना की। अक्षित का कहना है कि शतरंज ने उन्हें निर्णय लेने की क्षमता, रणनीतिक सोच और धैर्य सिखाया है। इस प्रतियोगिता में अक्षित शर्मा की उपलब्धि ने उनके स्कूल और सोसाइटी में खुशी का माहौल बना दिया।
स्कूल के शिक्षक और प्राचार्य उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं और उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके शिक्षक कहते हैं अक्षित जैसे छात्र न केवल खेल में बल्कि शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी में भी अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। अक्षित शर्मा की यह सफलता केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गाजियाबाद जिले के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह साबित किया कि यदि मेहनत, लगन और अनुशासन साथ हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भविष्य में अक्षित का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना और देश का नाम रौशन करना है। उनके माता-पिता, शिक्षक और सहपाठी इस सफलता का जश्न मना रहे हैं और उनके उज्जवल भविष्य के लिए उत्साहित हैं। अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों का मानना है कि अक्षित आने वाले समय में शतरंज में नई ऊँचाइयों को छूएंगे और जिले के लिए कई और उपलब्धियाँ हासिल करेंगे।

















