ग्रेनो सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रयास ला रहे रंग, दो बड़े अस्पताल ग्रेटर नोएडा आने की तैयारी में

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर नई दिल्ली और एमजीएम हॉस्पिटल चेन्नई ने ग्रेटर नोएडा में निवेश करने की इच्छा जताई
-प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी, नॉलेज पार्क- 3 में 60 एकड़ जमीन संस्थागत श्रेणी के लिए आरक्षित, यहां हो सकता है आवंटन

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के प्रयासों से शहर में खूब निवेश आ रहा है। एजूकेशन, फार्मा समेत तमाम सेक्टर में उद्यमी यहां पर इकाइयां लगाने के लिए तैयार हैं। अब राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर नई दिल्ली और एमजीएम हॉस्पिटल चेन्नई ने यहां आने की तैयारी की है। प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों के साथ अंतिम दौर की बातचीत हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन के लोग अगले कुछ दिनों में साइट का निरीक्षण करेंगे। इनके आने से शहर में चिकित्सा सुविधाएं और बेहतर होंगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यहां पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए सीईओ एनजी रवि कुमार लगातार प्रयास कर रहे हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होने के बाद निवेश में वृद्धि हुई है। औद्योगिक निवेश के साथ स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं से जुड़े निवेशक यहां आने को इच्छुक हैं। इसमें राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर और एमजीएम मल्टी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल चेन्नई का नाम भी जुड़ गया है। दोनों ग्रुप यहां सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलेंगे। प्राधिकरण के मुताबिक इन दोनों हॉस्पिटल को एलजी गोल चक्कर व शारदा गोल चक्कर के बीच खाली पड़ी 60 एकड़ जमीन में से जरूरत के हिसाब से जमीन आवंटित की जा सकती है। यह जमीन संस्थागत श्रेणी के लिए आरक्षित है। यहां अधूरी पड़ी सड़क का काम पूरा होने के बाद प्राधिकरण संस्थागत श्रेणी की जमीन को उपयोग में लाएगा।

यहां दी जा सकती है जमीन
एलजी गोलचक्कर से नोएडा सेक्टर-145 को सीधे सड़क से जोड़ने का काम चल रहा है। इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। प्राधिकरण के मुताबिक दोनों ग्रुप ने अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल का निर्माण किए जाने की बात कही है। राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के आ जाने से इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बता दें कि ग्रेटर नोएडा में अभी राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के अलावा फोर्टिस, शारदा, कैलाश, यथार्थ आदि मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल पहले से मौजूद हैं। राजीव गांधी कैंसर अस्पताल और एमजीएम अस्पताल चेन्नई के आ जाने के बाद लोगों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

शहर के लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास चल रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा सबसे महत्वपूर्ण है। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर और एमजीएम हॉस्पिटल चेन्नई ने निवेश करने की इच्छा जताई है। इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। जल्द ही यह निवेश धरातल पर उतरेगी।
एनजी रवि कुमार, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण