यमुना प्राधिकरण (यीडा) की 88वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण की आय बढ़ाने, लंबित परियोजनाओं के निस्तारण, हेरिटेज सिटी और आगरा अर्बन सेंटर से जुड़ी महायोजनाओं समेत कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सुनील कुमार सिंह, यमुना अथॉरिटी के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) की 88वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण की आय बढ़ाने, लंबित परियोजनाओं के निस्तारण, हेरिटेज सिटी और आगरा अर्बन सेंटर से जुड़ी महायोजनाओं समेत कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि यमुना प्राधिकरण के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर के अधिसूचित क्षेत्रों-अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा के लिए वर्ष 2015 में महायोजना-2031 फेज-2 तैयार की गई थी। इसके अंतर्गत प्रत्येक जनपद में एक अर्बन सेंटर विकसित करने का प्रस्ताव है। आगरा जनपद के लिए आगरा अर्बन सेंटर की ड्राफ्ट महायोजना परामर्शदाता संस्था ट्रैक्टेबेल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार कर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसे जनसामान्य से आपत्तियां आमंत्रित करने की स्वीकृति दे दी गई।
बोर्ड बैठक में हेरिटेज सिटी परियोजना को पीपीपी मोड पर विकसित करने के प्रस्ताव के साथ तैयार डीपीआर पर भी चर्चा हुई। इस डीपीआर को 4 नवंबर 2024 को पीपीपीबीईसी की बैठक में पहले ही अनुमोदन मिल चुका है। संशोधित ले-आउट प्लान में वृंदावन बाईपास के उत्तरी हिस्से में 17.5 हेक्टेयर भूमि पर पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स (पार्किंग) प्रस्तावित है। बैठक में इस क्षेत्र को प्राथमिकता पर अर्जित/क्रय करने की कार्यवाही प्राधिकरण स्तर पर करने का निर्णय लिया गया।
बोर्ड को बताया गया कि नई नीति लागू होने के बाद 20 जनवरी 2026 तक कुल 11 परियोजनाएं इसके दायरे में आई हैं। इनमें से 7 परियोजनाओं द्वारा नेट ड्यूज की 25 प्रतिशत धनराशि जमा कराई जा चुकी है, जबकि 4 परियोजनाओं में सम्पूर्ण धनराशि जमा कर दी गई है। 25 प्रतिशत के सापेक्ष अब तक 402.50 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, जबकि अगले एक वर्ष में लगभग 800 करोड़ रुपये की संभावित आय का अनुमान है। इन परियोजनाओं से जुड़ी कुल 418 रजिस्ट्रियां निष्पादित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा वृंदावन में पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों के लिए आवासीय व होटल सुविधाओं की कमी को देखते हुए राया अर्बन सेंटर की अनुमोदित महायोजना के अनुरूप टूरिज्म जोन के आसपास आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत भू-उपयोग विकसित करने पर भी विचार किया गया। बोर्ड ने माना कि इससे तीर्थ यात्रियों के बढ़ते दबाव के अनुरूप आधारभूत संरचनाओं और आवासीय मांग की पूर्ति हो सकेगी। बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया कि श्री बांके बिहारी मंदिर विकास क्षेत्र में विस्थापित होने वाले परिवारों को हेरिटेज सिटी के समीप प्रस्तावित आवासीय योजनाओं में प्राधिकरण की प्रचलित नीति के तहत प्रभावित कृषकों को मिलने वाले आरक्षण में सम्मिलित कर लाभ दिया जा सकता है। 88वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास, पर्यटन और राजस्व वृद्धि को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अथॉरिटी ने बोर्ड को बताया कि अब तक किसानों को 2988.31 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में दिया हजा चुका है। अथॉरिटी ने 29 गांवों के जमीन देने वाले किसानों के लिए 6263 किसानों को आरक्षण पत्र जारी कर चुकी है। इसके अलावा अपैरल पार्क, हैण्डिकाफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क, टॉय पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। वहीं, वित्तीय लेखा-जोखा भी रखा गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20.01.2025 तक की पूँजीगत प्राप्तियों 2217.37 करोड़ थी। जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20.01.2028 तक प्राधिकरण की पूँजीगत प्राप्तियां 2869.12 करोड़ रही। जो गत वर्ष से 120.37 प्रतिशत अधिक रही। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20.01.2025 मे राजस्व भुगतान 2292.76 करोड़ थी। जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20.01.2028 तक राजस्व भुगतान 5498.49 करोड़ रहा। बैठक में यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ नागेंद्र प्रताप सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सुनील कुमार सिंह, यमुना अथॉरिटी के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

















