गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की नीलामी में निवेशकों का उत्साह, शहर में विकास की नई राह

-इंदिरापुरम की कन्वीनियेंट शॉप्स पर लगी 4.71 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर तक की बोली
-27 संपत्तियों की बिक्री से प्राधिकरण की अनुमानित आय 154.76 करोड़ रुपए तक पहुँची
-160 आवेदन और खुली बोली प्रक्रिया से संपत्तियों की पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित
-जीडीए की नीलामी शहर में व्यवसायिक और आवासीय निवेश के लिए अवसरों की नई लहर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने गुरुवार को अपनी विभिन्न योजनाओं के रिक्त व्यवसायिक, आवासीय और औद्योगिक भूखंडों की नीलामी का भव्य आयोजन किया। लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में सुबह 11 बजे आयोजित इस नीलामी में कुल 27 संपत्तियों को बेचकर प्राधिकरण को लगभग 154.76 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है। नीलामी में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा इंदिरापुरम ज्ञान खंड-3 के कन्वीनियेंट शॉप भूखंडों पर देखी गई। इस योजना में 46.90 वर्ग मीटर के चार कन्वीनियेंट शॉप भूखंड रखे गए थे। आरक्षित दर 1,42,500 रुपए प्रति वर्गमीटर तय की गई थी, लेकिन बोलीदारों ने इनमें से एक भूखंड की बोली 4.71 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर लगाई। वहीं, अन्य भूखंडों की बोली क्रमश: 4.12 लाख, 4.02 लाख और 3.90 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर रही। इन चारों भूखंडों की कुल बिक्री लगभग 7.85 करोड़ रुपए में हुई। इंदिरापुरम विस्तार योजना के ए ब्लॉक में 310 वर्गमीटर का आवासीय भूखंड भी नीलामी में रखा गया था। आरक्षित दर 2.04 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर थी, लेकिन यह भूखंड 2.10 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर की दर में बिका। इस योजना में कुल आठ आवासीय भूखंड 60.36 करोड़ रुपए में बिके। इसके अलावा दो व्यवसायिक भूखंड 57.56 करोड़ रुपए में नीलामी में बिके।
नीलामी में कौशांबी ए ब्लॉक के पांच आवासीय भूखंड 7.05 करोड़ रुपए में बिकी। यूपी बॉर्डर पॉकेट ए की एक दुकान भूखंड 27.50 लाख रुपए में, इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट एच के तीन व्यवसायिक भूखंड 3.63 करोड़ में और इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट बी का एक औद्योगिक भूखंड 2.18 करोड़ में बिका। पटेल नगर योजना डी ब्लॉक का एक क्योस्क भूखंड 1.07 करोड़ में, मधुबन-बापूधाम योजना का बैंक भूखंड 9.35 करोड़ में और सीएनजी फिलिंग स्टेशन का एक भूखंड 5.42 करोड़ में बिका। जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण की संपत्तियों में लोगों की गहरी रुचि है, इसीलिए नीलामी में भारी प्रतिस्पर्धा देखी गई। उन्होंने कहा कि नीलामी में विभिन्न योजनाओं के रिक्त व्यवसायिक, आवासीय, कन्वीनियेंट शॉपिंग भूखंड, औद्योगिक भूखंड और बैंक भूखंडों को रखा गया था। नीलामी के दौरान कुल 160 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें बोलीदारों ने खुली बोली के माध्यम से संपत्तियों को खरीदा।
अपर सचिव ने यह भी कहा कि जीडीए लगातार पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपत्तियों की नीलामी कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस नीलामी से जीडीए को राजस्व के अतिरिक्त स्रोत प्राप्त होंगे, जिससे नगर की योजनाओं और विकास कार्यों में और गति आएगी। नीलामी में बिक्री हुई संपत्तियां न केवल जीडीए के लिए राजस्व स्रोत हैं, बल्कि निवेशकों और व्यवसायियों के लिए भी आकर्षक अवसर प्रस्तुत करती हैं। विशेष रूप से इंदिरापुरम और मधुबन-बापूधाम जैसी योजनाओं के भूखंड शहर के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में स्थित हैं। ये क्षेत्र व्यवसायिक गतिविधियों और आवासीय निवेश के लिए अत्यधिक उपयुक्त माने जा रहे हैं। जीडीए की इस नीलामी ने यह साबित कर दिया कि प्राधिकरण की संपत्तियों में निवेशकों की गहरी रुचि है और सही मूल्यांकन तथा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से संपत्तियों की बिक्री में सफलता हासिल की जा सकती है। इस नीलामी की सफलता गाजियाबाद में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।