कांवडिय़ों की सुरक्षा पर ‘लेडी कमांडर’ की पैनी नजर… उपासना पाण्डेय खुद उतरीं मैदान में, रूट का किया मीटर-दर-मीटर निरीक्षण

-कदराबाद गंगनहर पाइपलाइन से लोनी बॉर्डर तक पैदल और वाहन से किया निरीक्षण, सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं का लिया जायजा
-कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी: उपासना पाण्डेय
-हर संवेदनशील बिंदु पर पुलिस की पैनी निगरानी, अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश- व्यवस्था में कमी मिली तो होगी तत्काल कार्रवाई

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन माह की कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद पुलिस पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी है। इसी क्रम में सोमवार को सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर एवं कांवड़ सेल प्रभारी उपासना पाण्डेय ने स्वयं कांवड़ यात्रा मार्ग पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने कदराबाद गंगनहर पाइपलाइन से लेकर लोनी बॉर्डर तक पूरे कांवड़ मार्ग का भ्रमण कर सुरक्षा, यातायात, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस तैनाती और कांवडिय़ों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से समझौता नहीं होना चाहिए। सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय की कार्यशैली एक बार फिर मैदान में देखने को मिली। उन्होंने केवल औपचारिक निरीक्षण तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे रूट पर विभिन्न संवेदनशील स्थानों का गहन निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया।

जहां कहीं भी सुधार की आवश्यकता दिखाई दी, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखी जाए और किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान उपासना पाण्डेय ने बैरिकेडिंग, डायवर्जन, यातायात संचालन, पुलिस पिकेट, सीसीटीवी निगरानी, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए और श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और लगातार गश्त जारी रखने के निर्देश भी दिए। सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पाण्डेय ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा पर्व है। हमारी पहली प्राथमिकता प्रत्येक कांवड़ यात्री की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना है।

पुलिस पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रही है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आम नागरिकों को भी न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े। उपासना पाण्डेय ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने सभी अधिकारियों से लगातार फील्ड में मौजूद रहने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कांवड़ मार्ग पर मौजूद स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों से भी उन्होंने बातचीत कर व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सकती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, मोबाइल टीमें, त्वरित प्रतिक्रिया दल और लगातार गश्त की व्यवस्था की गई है। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन योजना भी प्रभावी रूप से लागू की जा रही है।