-शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं, दोबारा निरीक्षण में कमी मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई: रविन्द्र कुमार मांदड
-सड़क, सफाई, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल समेत मूलभूत व्यवस्थाओं में मिलीं गंभीर कमियां, 28 जुलाई तक हर हाल में सुधार के निर्देश
-विद्युत निगम, नगर निगम, जल निगम, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग समेत 11 विभागों को नोटिस, 24 घंटे में स्पष्टीकरण और दो दिन में कार्य पूर्ण करने का आदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। सावन माह की कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में कांवड़ मार्ग पर 40 से अधिक गंभीर खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले विभागों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण में सड़क मरम्मत, जल निकासी, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड, अतिक्रमण हटाने और अन्य व्यवस्थाओं में भारी कमी मिलने पर संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 28 जुलाई तक हर हाल में सभी कमियों को दूर किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त मिलीं, गड्ढे भरे नहीं गए थे, ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग अधूरी थी और कई जगहों पर अवैध कट खुले मिले। सड़क किनारे झाडिय़ां साफ नहीं की गई थीं, गंदगी वाले स्थानों को ढकने की व्यवस्था नहीं थी और कांवड़ मार्ग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी अधूरी पाई गई। इसके अलावा अस्थायी दुकानों, कांवड़ शिविरों, पेयजल केंद्रों और शौचालयों के लिए भी स्पष्ट स्थान चिन्हित नहीं किए गए थे, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर प्रशासन ने विद्युत निगम, एनसीआरटीसी, जल निगम, नगर निगम, जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, खाद्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर पालिका परिषद लोनी, नगर पालिका परिषद खोड़ा और सिंचाई विभाग सहित 11 विभागों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने कहा कांवड़ यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का पर्व है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिवभक्त सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सके। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा 28 जुलाई को दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।
यदि उसके बाद भी किसी स्थान पर कमी या लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जवाबदेही तय की जाएगी और किसी को भी जिम्मेदारी से बचने नहीं दिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर जे. रविन्दर गौड़ ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और यातायात प्रबंधन को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन के अनुसार जनपद में कांवड़ यात्रा मुरादनगर के कादराबाद, गंगनहर मार्ग, टीला मोड़ पाइपलाइन मार्ग, गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे सहित प्रमुख मार्गों से होकर गुजरती है। इन मार्गों पर दूधेश्वरनाथ मंदिर, दिल्ली गेट स्थित देवी मंदिर, सुराना शिव मंदिर और मोदीनगर के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग पर व्यापक सुरक्षा और सुविधा संबंधी इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में 2310 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 4660 स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान सरकारी अस्पतालों के साथ 20 निजी अस्पतालों को भी चिकित्सा सेवाओं के लिए जोड़ा गया है। पूरे मार्ग पर 24 घंटे चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। जिलाधिकारी ने दोहराया कि कांवड़ यात्रा की अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन जहां भी कमियां शेष हैं, उन्हें युद्धस्तर पर दूर कराया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण करें, ताकि गाजियाबाद से गुजरने वाली कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बन सके।















