सीएम ग्रिड फेस-2 कार्यों पर नगर आयुक्त सख्त, धीमी प्रगति पर अधिकारियों व ठेकेदार को लगाई फटकार

-अनियमितता बर्दाश्त नहीं, तय समय में पूरा हो सीएम ग्रिड फेस-2 कार्य : विक्रमादित्य सिंह मलिक
-डाबर चौक से आनंद विहार मार्ग तक 45 करोड़ की लागत से बन रही सड़क का औचक निरीक्षण
-जनसुविधा प्रभावित होने पर जताई नाराजगी, मिट्टी-मलबा हटाने व बैरिकेडिंग के दिए निर्देश
-समयसीमा में कार्य पूरा करने की चेतावनी, मॉनिटरिंग बढ़ाने के आदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने के उद्देश्य से चल रहे सीएम ग्रिड फेस-2 परियोजना के कार्यों की प्रगति को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सख्त रुख अपनाया है। वसुंधरा जोन में चल रहे निर्माण कार्यों का गुरुवार को औचक निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त ने धीमी कार्यगति और मौके पर अव्यवस्था देखकर अधिकारियों तथा संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने डाबर चौक से कौशांबी होते हुए आनंद विहार मार्ग तक चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, अधिशासी अभियंता विपुल, सहायक अभियंता अनूप, अवर अभियंता संजय गंगवार तथा अवर अभियंता पूजा सहित निर्माण विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। सीएम ग्रिड फेस-2 परियोजना के अंतर्गत लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। यह मार्ग डाबर चौक, कौशांबी और आनंद विहार जैसे व्यस्त क्षेत्रों को जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं।

नगर निगम निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है ताकि भविष्य में यातायात दबाव कम किया जा सके और जाम की समस्या से राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे पड़े मिट्टी और निर्माण मलबे को देखकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के कारण आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। तत्काल प्रभाव से सड़क किनारे जमा मलबा हटाने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया।
नगर आयुक्त ने मौके पर मौजूद जीत कंस्ट्रक्शन से जुड़े ठेकेदार को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि परियोजना की समयसीमा 15 मार्च 2027 निर्धारित की गई है और किसी भी स्थिति में कार्य में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना तेजी से काम पूरा किया जाए। उन्होंने मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी को निर्देशित किया कि परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए और कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि अधिकारी केवल कागजी समीक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें। सीएम ग्रिड फेस-2 योजना के तहत वसुंधरा जोन के कौशांबी, वैशाली और इंदिरापुरम के प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित और चौड़ा करने का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर में बेहतर यातायात प्रवाह, सुरक्षित सड़कें और आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित करना है। नगर निगम का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों में जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि निर्माण कार्य के दौरान नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि धूल, मलबा, अव्यवस्थित खुदाई और बिना बैरिकेडिंग के कार्य जैसे मामलों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्माण विभाग की टीम को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता तीनों पर समान रूप से ध्यान देना अनिवार्य है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि सीएम ग्रिड फेस-2 परियोजना गाजियाबाद के शहरी विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है और इसके माध्यम से शहर को आधुनिक यातायात ढांचे से जोडऩे की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नगर आयुक्त के औचक निरीक्षण के बाद निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना पूरी कर शहरवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।