स्वास्थ्य सेवा के नए युग की शुरुआत : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन

-डॉ. पी.एन. अरोड़ा का सपना हुआ साकार, मां के आशीर्वाद से यशोदा मेडिसिटी ने लिया आकार
-आधुनिक तकनीक, वर्ल्ड क्लास सुविधाओं और सेवा के संकल्प के साथ स्वास्थ्य जगत में नया इतिहास रचने जा रहा है गाजियाबाद का यशोदा मेडिसिटी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई छूने जा रहा है। इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन रविवार को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से होगा। इस अवसर पर प्रदेश और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। यह उद्घाटन समारोह न केवल गाजियाबाद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। यशोदा मेडिसिटी ग्रुप के चेयरमैन एंड एमडी डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने भावुक होते हुए कहा कि इस अस्पताल की नींव उनके जीवन की सबसे गहरी पीड़ा से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि  जब मेरी माता जी गंभीर रूप से बीमार थीं, तब मुझे एहसास हुआ कि हमारे देश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कितनी कमी है। उसी क्षण मैंने निश्चय किया कि मैं ऐसा संस्थान बनाऊंगा, जो किसी को भी चिकित्सा सुविधा के लिए भटकने पर मजबूर न करे। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि आज यशोदा मेडिसिटी उनके उस संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और मानवीय मूल्यों की जीवंत मिसाल है। हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि देशभर में स्वास्थ्य सेवा की नई परिभाषा यशोदा मेडिसिटी के माध्यम से स्थापित हो।

डॉ. उपासना अरोड़ा और डॉ. शुभांग अरोड़ा दे रहे नई सोच और नई ऊर्जा
यशोदा मेडिसिटी की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने इस पूरे प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की दृष्टि से विकसित किया है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मरीजों को सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि एक ऐसी संपूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले, जिसमें उन्हें आत्मीयता, सुरक्षा और विश्वास महसूस हो। डॉ. उपासना अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम, रोबोटिक सर्जरी यूनिट, कार्डियक और न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, 24 घंटे ट्रॉमा सेंटर, मल्टी-ऑर्गन ट्रांसप्लांट यूनिट, और इंटरनेशनल पेशेंट केयर विंग जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उनके पुत्र डॉ. शुभांग अरोड़ा, जो हाल ही में अमेरिका से उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर लौटे हैं, अब यशोदा मेडिसिटी की टीम का हिस्सा बन चुके हैं। युवा दृष्टिकोण और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की समझ के साथ वे इस अस्पताल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

देश की महामहिम राष्ट्रपति की उपस्थिति बनेगी ऐतिहासिक क्षण
रविवार को सुबह 10:45 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला राष्ट्रपति भवन से रवाना होगा और लगभग 11:20 बजे इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी परिसर पहुंचेगा। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत देश व प्रदेश के जिग्गज नेता भी मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम करीब डेढ़ घंटे तक चलेगा, जिसमें उद्घाटन समारोह, स्मारक शिला अनावरण, अस्पताल की प्रदर्शनी का निरीक्षण और औपचारिक संबोधन शामिल होगा। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला दोपहर 1:05 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगा।

कड़ी सुरक्षा, सड़कों पर सतर्कता और पूरे मार्ग पर सजे स्वागत द्वार
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को त्रिस्तरीय बना दिया है। इंदिरापुरम और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में तब्दील किया गया है, जहां पर पीएसी, पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी हर पल निगरानी रख रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में शनिवार को पूरे मार्ग का रिहर्सल किया गया। नो-फ्लाई जोन घोषित क्षेत्र में किसी भी तरह का ड्रोन, गुब्बारा या अन्य उड़ान प्रतिबंधित रहेगा। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब दो हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही, रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो। सड़कों के दोनों ओर हरियाली, लाइटिंग और फूलों से सजे स्वागत द्वार लगाए गए हैं। सफाई कर्मियों ने पूरे मार्ग को चमकाया है ताकि राष्ट्रपति का स्वागत एक भव्य और गरिमापूर्ण वातावरण में हो सके।

‘यशोदा मेडिसिटी’ बनेगा पूर्वी दिल्ली और एनसीआर का स्वास्थ्य का ध्रुवतारा
यशोदा मेडिसिटी न केवल एक अस्पताल है, बल्कि यह आस्था, विज्ञान और मानवीय संवेदनाओं का संगम है। यह संस्थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई दिशा तय करेगा। अस्पताल में एक साथ हजारों मरीजों के इलाज की क्षमता है, जिसमें कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, ट्रॉमा केयर, क्रिटिकल केयर, गाइनोलॉजी और रिहैबिलिटेशन जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। डॉ. पी.एन. अरोड़ा का कहना है कि यशोदा मेडिसिटी केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐसा स्थान है जहां मरीज को स्वास्थ्य के साथ सम्मान और उम्मीद भी मिलेगी। हमारा ध्येय है- ‘हर जीवन हो सुरक्षित, हर परिवार हो स्वस्थ।

शहर में उमंग और गर्व का माहौल
राष्ट्रपति के आगमन और इस ऐतिहासिक उद्घाटन को लेकर गाजियाबाद में उत्साह का वातावरण है। स्थानीय निवासी इसे अपने शहर की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। नगर निगम और जिला प्रशासन ने भी इस आयोजन को लेकर स्वच्छता, यातायात और सजावट की विशेष तैयारियां की हैं। यह केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं, बल्कि गाजियाबाद के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले वर्षों में देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।