जनसुविधाओं में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं, विकास कार्यों में गुणवत्ता और लंबी अवधि की योजना प्राथमिकता: रविन्द्र कुमार मॉंदड़

  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर निकायों की मासिक समीक्षा बैठक, विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर कड़ी निगरानी
  • सभी नगर निकायों को पेयजल, सड़क, सफाई और हरियाली में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
  • सार्वजनिक शौचालय, तालाब, खाली प्लॉट और स्ट्रीट लाइट के रखरखाव पर विशेष जोर
  • अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई और भूमाफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनसामान्य को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और नगर निकायों में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति को गति देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में सोमवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में नगर निकायों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुविधाओं के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा क्रमवार मोदीनगर, मुरादनगर, खोड़ा-मकनपुर, लोनी नगर पालिकाओं तथा डासना, पतला, निवाड़ी और फरीदनगर नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों एवं अध्यक्षों से क्षेत्रवार जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान पेयजल व्यवस्था, कच्ची-पक्की सड़कें, गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था, सौंदर्यकरण, हरियाली और पौधारोपण, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, तालाबों के सौंदर्यीकरण, सड़कों के किनारे दीवारों और खाली प्लॉटों की स्वच्छता, आवारा पशुओं और गौवंश संरक्षण, सरकारी भूमि पर कब्जे, स्टाफ की उपलब्धता तथा उपकरण और मशीनरी की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने सभी नगर निकायों को निर्देशित किया कि पेयजल व्यवस्था शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जाए और किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या न रहे। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य आगामी 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कराए जाएं, ताकि भविष्य में बार-बार सुधार कार्य की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्रीय निरीक्षण कर जनप्रतिनिधियों और आमजन से संवाद स्थापित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य तय करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मरम्मत और निर्माण कार्य में मानकों से कोई समझौता न किया जाए। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण को नियमित और प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी सरकारी शौचालय बंद या अस्वच्छ न मिले तथा नियमानुसार केयरटेकर की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

तालाबों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। मुख्य सड़कों के किनारे स्थित खाली प्लॉटों से कूड़े का नियमित निस्तारण कराने, गंदी और क्षतिग्रस्त दीवारों की सफाई व सफेदी कराने तथा आवश्यक स्थानों पर आकर्षक वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं के संरक्षण और गौवंशों को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि किसी भी नगर निकाय में स्टाफ की कमी नहीं होनी चाहिए और आवश्यक उपकरणों व मशीनरी की उपलब्धता के लिए समय से प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। प्रत्येक नगर निकाय को कम से कम एक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए गए।

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सभी निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि का चिन्हांकन करें। यदि कहीं भी अवैध कब्जा पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाए। इस कार्य में पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमाफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए और उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट, अपर जिलाधिकारी प्रशासन ज्योति मौर्या, परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार पाण्डेय, एसडीएम अरुण दीक्षित सहित सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, अध्यक्ष एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।