-कतार में लगकर ही होंगे भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक
-मंदिर प्रबंधन ने भ्रामक दावों से किया सावधान, वीआईपी प्रवेश के नाम पर न आएं झांसे में
-भगवान के दरबार में हर श्रद्धालु समान, व्यवस्था बनाए रखने में करें सहयोग: श्रीमहंत नारायण गिरि
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण शिवरात्रि के पावन पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए इस बार किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी सुविधा नहीं मिलेगी। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान न तो कोई वीआईपी पास जारी किया जाएगा और न ही वीआईपी प्रवेश अथवा विशेष दर्शन की अनुमति दी जाएगी। सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था लागू रहेगी और निर्धारित कतार के माध्यम से ही भगवान के दर्शन, जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कराया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वीआईपी पास, विशेष दर्शन या सीधे प्रवेश का दावा करने वाले किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति, संस्था या अन्य माध्यम मंदिर में विशेष प्रवेश दिलाने के नाम पर दावा करता है तो उस पर विश्वास न करें, क्योंकि मंदिर की ओर से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। प्रबंधन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की ठगी या भ्रम से बचाने के लिए यह सूचना पहले ही स्पष्ट रूप से जारी की गई है।
मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि श्रावण शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का अत्यंत पावन पर्व है। भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव के दरबार में आने वाला प्रत्येक भक्त समान है। इसलिए सभी श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था का पालन करते हुए शांतिपूर्वक दर्शन और पूजन करें। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी न हो और सभी भक्त सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तरीके से भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। मंदिर प्रबंधन समिति ने भी शिवभक्तों से अनुशासन बनाए रखने और प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रबंधन के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंदिर प्रबंधन ने विशेष रूप से कहा है कि श्रावण शिवरात्रि के दौरान यदि कोई व्यक्ति वीआईपी दर्शन या विशेष प्रवेश के नाम पर श्रद्धालुओं को गुमराह करता है तो उसके दावे को सही न मानें। श्रद्धालु केवल मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मंदिर प्रबंधन का उद्देश्य है कि श्रावण शिवरात्रि पर आने वाले सभी शिवभक्तों को बिना किसी भेदभाव के दर्शन, जलाभिषेक और पूजन का अवसर मिले। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य और अनुशासन के साथ कतार में अपनी बारी का इंतजार करें तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रबंधन का कहना है कि सभी भक्तों के सहयोग से श्रावण शिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और सुव्यवस्था के साथ संपन्न कराया जाएगा।















