-एक्सप्रेसवे किनारे अतिरिक्त 7.5% शुल्क समाप्त कर दी बड़ी राहत
-मेट्रो कॉरिडोर चार्ज घटाकर 10% से 2.5% करने का ऐतिहासिक निर्णय
-प्लॉट आवंटन दरों में लगभग 15% तक कमी की संभावना
-कॉर्पोरेट, आईटी और कमर्शियल निवेश को मिलेगा सीधा फायदा
उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने रियल एस्टेट और निवेशकों को बड़ी राहत देने वाला अहम फैसला लिया है। अथॉरिटी ने एक्सप्रेसवे और मेट्रो कॉरिडोर के किनारे स्थित प्लॉटों पर लगने वाले अतिरिक्त लोकेशन चार्ज में कटौती कर दी है। यह निर्णय फरवरी से लागू कर दिया गया है, जिससे आईटी, कमर्शल और कॉर्पोरेट सेक्टर के प्लॉट खरीदने वालों को सीधा लाभ मिलेगा।
अथॉरिटी के अनुसार, एक्सप्रेसवे के किनारे लगने वाला 7.5 प्रतिशत अतिरिक्त लोकेशन चार्ज पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। वहीं, मेट्रो लाइन के आसपास लगने वाले 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क को घटाकर केवल 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इस बदलाव से संबंधित प्लॉटों की कुल आवंटन दरों में लगभग 15 प्रतिशत तक की कमी आने का अनुमान है।अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आईटी कंपनियों, कॉर्पोरेट कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नोएडा में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। लंबे समय से निवेशक अतिरिक्त लोकेशन चार्ज को अधिक बता रहे थे, जिससे प्रोजेक्ट लागत बढ़ रही थी। अब इस कटौती के बाद परियोजनाओं की लागत कम होगी और इसका लाभ अंतिम खरीदारों को भी मिल सकेगा।

सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि अथॉरिटी का उद्देश्य नोएडा को निवेश के लिहाज से और अधिक आकर्षक बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला बाजार की मांग और प्रतिस्पर्धी शहरों की नीतियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। आने वाले समय में इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा और नए प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, जिससे नोएडा का औद्योगिक और व्यावसायिक विकास और मजबूत होगा।
नोएडा को निवेश और औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए अथॉरिटी लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। अतिरिक्त लोकेशन चार्ज में कटौती का निर्णय निवेशकों की लागत कम करने, परियोजनाओं को गति देने और कॉर्पोरेट एवं आईटी सेक्टर को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा उद्देश्य नोएडा को ऐसा प्रतिस्पर्धी और निवेश-अनुकूल शहर बनाना है जहाँ उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ें तथा इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को भी मिले।
कृष्णा करुणेश
सीईओ, नोएडा अथॉरिटी
















