-सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में, 10 दिन में आपत्तियां दूर करने का लक्ष्य
-शुरुआत में 17 शहरों के लिए उड़ानें, रोजाना 60–70 फ्लाइट संचालन की तैयारी
-इंटरनेशनल उड़ानों की तैयारी तेज, अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल होगा तैयार
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। संभावना जताई जा रही है कि मई के अंतिम सप्ताह तक यहां से उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी द्वारा उठाई गई आपत्तियों का निस्तारण है, जिसे अगले 10 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा चुका है, जिसके बाद से संचालन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी इसे अंतिम स्वीकृति नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि विदेशी सीईओ समेत कुछ तकनीकी और प्रशासनिक बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इन्हें जल्द दूर करने की कोशिश जारी है, और संभावना है कि सीईओ पद पर भारतीय नागरिक की नियुक्ति की जा सकती है। संचालन शुरू होने पर प्रारंभिक चरण में देश के 17 प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं उपलब्ध होंगी। रोजाना लगभग 60 से 70 फ्लाइट्स के टेकऑफ और लैंडिंग का अनुमान है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को एक नया विकल्प मिलेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो फिलहाल एयरपोर्ट पर 25 विमानों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 25 अतिरिक्त हैंगर बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इन नए हैंगर के बनने के बाद एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 विमानों तक पहुंच जाएगी, जिससे संचालन और भी सुचारू हो सकेगा। डोमेस्टिक उड़ानों के साथ-साथ इंटरनेशनल सेवाओं की भी तैयारी जारी है। टर्मिनल बिल्डिंग में इंटरनेशनल सेक्शन का निर्माण तेजी से हो रहा है और फिनिशिंग का कार्य अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार अगस्त तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की जा सकती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट को जल्द से जल्द पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। कुल मिलाकर, यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होने वाला है।
















