ऑपरेशन ‘मासूम’ में पुलिस की जीत: भीख मंगवाने के लालच में किया था बच्ची का अपहरण, 15 दिन में सलाखों के पीछे पहुंची अपहरणकर्ता

-भीख मंगवाने के लालच में दो वर्षीय बच्ची को किया अगवा, पुलिस ने समय रहते पकड़ा
– मेरठ में बच्ची से भीख मंगवाती रही आरोपी, लखनऊ भागने की थी तैयारी
– तीन टीमों की सक्रियता से मुरादनगर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, परिवार में लौटी खुशी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मुरादनगर क्षेत्र में 15 दिन पहले अगवा की गई दो वर्षीय मासूम बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने अपहरण करने वाली आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के सुरक्षित मिलने से जहां पुलिस ने राहत की सांस ली, वहीं परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। घटना दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क की है, जहां से 10 मार्च को दो वर्षीय पायल अचानक लापता हो गई थी। बच्ची की मां ज्योति, जो अपने परिवार का भरण-पोषण भीख मांगकर करती है, उस दिन अपनी दोनों बेटियों के साथ बस स्टैंड के पास थी। कुछ समय के लिए वह भीख मांगने चली गई और बच्चियों को पार्क में बैठा दिया। वापस लौटने पर छोटी बेटी पायल वहां नहीं मिली, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

परिजनों द्वारा काफी तलाश के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद 18 मार्च को मुरादनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए तीन टीमों का गठन किया। इन टीमों ने मेरठ, दिल्ली, नोएडा सहित कई स्थानों पर बच्ची की तलाश में अभियान चलाया। पुलिस को बुधवार को एक अहम सूचना मिली कि एक संदिग्ध महिला बच्ची को लेकर मुरादनगर रेलवे स्टेशन की ओर जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर महिला को बच्ची सहित पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना नाम हसीना उर्फ बुचनिया निवासी जगतपुरी कॉलोनी, मोदीनगर बताया।

पुलिस पूछताछ में महिला ने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला था। उसने बताया कि पति की मृत्यु के बाद वह कूड़ा बीनकर अपना जीवन यापन कर रही है। उसके दो बच्चे उसकी बहन के पास रहते हैं। 10 मार्च को उसने पायल को उसकी बहन के साथ खेलते हुए देखा और लालच में आकर उसे अगवा करने की योजना बना ली। उसने बच्ची को कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर बहलाया और उसे अपने साथ ले गई। आरोपी महिला बच्ची को लेकर पहले मेरठ गई, जहां उसने उससे भीख मंगवाने का काम किया। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलती रही और लखनऊ भागने की फिराक में थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सक्रियता के चलते वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकी।

एडीसीपी लिपि नगायच ने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी और टीमवर्क के चलते बच्ची को समय रहते सुरक्षित बरामद कर लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अंकित चौहान की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने बच्ची को सकुशल उसके परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल बन गया। मां ज्योति अपनी बच्ची को पाकर भावुक हो उठी और पुलिस का आभार जताया। यह घटना जहां एक ओर समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर इशारा करती है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की तत्परता और जिम्मेदारी का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।