संभव जनसुनवाई: नगर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए तत्काल कार्यवाही के निर्देश

• 21 संदर्भ प्राप्त, स्वास्थ्य और टैक्स विभाग के मामलों पर विशेष ध्यान
• नागरिकों को समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में संभव जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और नगर निगम के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावशाली बनाना था। नगर आयुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर संभव के तहत प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए। नगर निगम की इस सक्रियता से नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस जनसुनवाई के माध्यम से नगर निगम ने एक बार फिर साबित किया है कि वह नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम के प्रति नागरिकों का विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसुनवाई में प्राप्त मामलों को हल्के में न लिया जाए और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, नागरिकों की समस्याओं का समाधान ही नगर निगम का मुख्य दायित्व है। सभी अधिकारी समयबद्ध तरीके से अपने कार्यों का निष्पादन करें, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। मौके पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, जलकल विभाग से कामाख्या प्रसाद आनंद, उद्यान विभाग से डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा, संयुक्त नगर आयुक्त ओमप्रकाश और निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई में प्राप्त संदर्भों का विस्तृत विवरण
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से कुल 21 संदर्भ प्राप्त हुए। नगर आयुक्त ने इन सभी संदर्भों की गंभीरता से समीक्षा की और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के लिए निर्देशित किया। प्राप्त संदर्भों का विभागवार विवरण इस प्रकार है।

• निर्माण विभाग से – 4 संदर्भ
निर्माण कार्यों में देरी, सड़क मरम्मत, जलभराव और अवैध निर्माण से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।
• स्वास्थ्य विभाग से – 5 संदर्भ
गंदगी, कूड़ा उठान में लापरवाही, फॉगिंग में कमी और स्वच्छता से संबंधित मुद्दे सामने आए।
• उद्यान विभाग से – 1 संदर्भ
पार्कों की स्थिति सुधारने, झाडिय़ों की कटाई और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें मिलीं।
• संपत्ति विभाग से – 1 संदर्भ
अवैध कब्जे और संपत्ति कर के मुद्दों को लेकर नागरिकों ने अपनी समस्या दर्ज कराई।
• टैक्स विभाग से – 5 संदर्भ
हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और अन्य करों से संबंधित मामलों पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई।
• पशु चिकित्सा विभाग से – 1 संदर्भ
आवारा पशुओं की समस्या और टीकाकरण से संबंधित मुद्दे उठाए गए।
• जलकल विभाग से – 4 संदर्भ
जलापूर्ति में बाधा, पाइपलाइन लीकेज और सीवरेज से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

स्वास्थ्य और टैक्स विभाग के मामलों पर विशेष ध्यान
नगर आयुक्त ने विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग और टैक्स विभाग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन मामलों का समाधान शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और कर वसूली से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान जरूरी है, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

तत्काल कार्यवाही के लिए टीमों का गठन
नगर आयुक्त ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी संदर्भों पर तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि प्रत्येक संदर्भ की स्थिति पर नियमित अपडेट लिया जाए और समाधान की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। जनसुनवाई में नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। नगर आयुक्त द्वारा अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों से नागरिकों में समाधान को लेकर भरोसा बढ़ा है। नगर निगम की इस पहल की आमजन ने सराहना की और इसे नागरिकों के प्रति निगम की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। जनसुनवाई में नगर निगम के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे।