-मुख्य सचिव एसीपी गोयल ने अधिकारियों को राष्ट्रपति के आगमन से पहले सुरक्षा, व्यवस्थाएं और कार्यक्रम संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। 26 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यशोदा मेडिसिटी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसमें उच्च स्तरीय सुरक्षा एवं प्रशासनिक प्रबंधों को लेकर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मेडिसिटी अस्पताल के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने अपने परिवार—पत्नी उपासना अरोड़ा और पुत्र शुभांग अरोड़ा के साथ राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। यह कार्यक्रम अस्पताल की विकास यात्रा और स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को प्रदर्शित करने का एक विशेष अवसर भी माना जा रहा है।
इससे पहले गुरूवार को प्रदेश के मुख्य सचिव एसीपी गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गौड़, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी, नगर आयुक्त, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष दशरथ पाटिल, डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल, डीसीपी यातायात त्रिगुण बिसेन, एडीएम सिटी विकास कश्यप, सिटी मजिस्ट्रेट संतोष कुमार उपाध्याय, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव एसीपी गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रपति के आगमन के पहले सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं पुख्ता की जाएँ। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और चिकित्सा सहायता की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रत्येक अधिकारी को अपने क्षेत्र में सतत निरीक्षण करते हुए किसी भी प्रकार की चूक को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से विशेष प्रबंध किए हैं। यातायात नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रत्येक प्रवेश द्वार पर सुरक्षा चौकियां स्थापित की जाएंगी और आमजन के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बताया कि कार्यक्रम स्थल के अंदर और बाहर सभी तकनीकी व्यवस्थाएं जैसे ध्वनि प्रणाली, प्रकाश व्यवस्था और वीडियो स्क्रीनिंग की भी जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन टीमों को तैयार रखा जाए। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष दशरथ पाटिल ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन से पहले सड़क मार्गों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पुलिस वाहन, बैंडबाजे और फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए जाएंगे।
वहीं, नगर आयुक्त ने बताया कि अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई एवं सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट संतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन और अधिकारियों के लिए व्यवस्था की जाएगी कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा एवं प्रशासनिक प्रबंधों का परीक्षण कार्यक्रम से पहले किया जाएगा। मुख्य सचिव एसीपी गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि यह केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं है, बल्कि शहर की स्वास्थ्य और प्रशासनिक क्षमता को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए।
इस अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के समय अस्पताल के सभी विभाग और स्टाफ पूरी तरह से तैयार रहेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि मीडिया प्रबंध, प्रेस कॉन्फ्रेंस और फोटो-शूट की भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्य सचिव एसीपी गोयल ने स्पष्ट कर दिया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, सुविधा और समयबद्धता किसी भी प्रकार से कमतर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राष्ट्रपति की सुरक्षा और आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने में किसी भी तरह की कमी न होने दें।
यशोदा मेडिसिटी अस्पताल के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह आगमन हमारे लिए गौरव का क्षण है। हम पूरी टीम के साथ तैयारियों में लगे हैं और सुनिश्चित करेंगे कि कार्यक्रम सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो। नगर प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयासों के तहत गाजियाबाद में यह उद्घाटन कार्यक्रम सफल और सम्मानजनक रूप से आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, बल्कि नागरिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।
















