-यीडा ने तिरथली के किसानों को आबादी प्लाट के लिए आरक्षण पत्र दिया
-सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कृषक वीरेंद्र कुमार को आरक्षण पत्र सौंपा
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ राकेश कुमार सिंह किसानों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता में लेकर सकारात्मक पहल कर रहे हैं। प्राधिकरण क्षेत्र में लंबे समय से लंबित 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने का काम किया जा रहा है। सीईओ ने सेक्टर-29 स्थित तिरथली गांव के 588 किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के लिए आरक्षण पत्र जारी कर दिया। जल्द ही कब्जा दे दिया जाएगा। किसानों के हितों को केंद्र में रखकर लिए जा रहे फैसलों से ग्रामीणों में संतोष और भरोसा बढ़ा है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को भी पारदर्शी और तेज बनाया गया है। किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए नियमित बैठकों और संवाद की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को प्राधिकरण के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि मौजूदा समय में प्राधिकरण उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है और समाधान भी तेजी से हो रहा है। यही कारण है कि किसानों के बीच सीईओ की कार्यशैली की सराहना हो रही है। प्राधिकरण में विकास परियोजनाओं के साथ किसानों के हितों का संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है, लेकिन राकेश कुमार सिंह इस दिशा में संवेदनशील और सक्रिय भूमिका के साथ आगे बढ़ रहे हैं।इससे प्राधिकरण और किसानों के बीच विश्वास मजबूत हुआ है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए सेक्टर-29 स्थित तिरथली गांव के किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंडों के आरक्षण पत्र जारी कर दिए हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने किसानों को आरक्षण पत्र वितरित करने की शुरुआत करते हुए कृषक वीरेंद्र कुमार को अपने हाथों से आरक्षण पत्र सौंपा। इसके अलावा 588 अन्य किसानों के आरक्षण पत्र भूलेख विभाग द्वारा डाक के माध्यम से भेजे गए हैं। यीडा द्वारा सेक्टर-29 में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क परियोजना के तहत यह प्रक्रिया पूरी की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि किसानों को उनकी आबादी भूखंड योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, आरक्षण पत्र जारी करने के बाद अब जल्द ही भूखंडों का विकास कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद किसानों को उनके भूखंडों का भौतिक कब्जा भी सौंप दिया जाएगा।यीडा की इस पहल को किसानों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे जहां किसानों को उनकी भूमि के बदले नियमानुसार लाभ मिलेगा, वहीं सेक्टर-29 में विकसित हो रहे अपैरल पार्क को भी गति मिलेगी। इस मौके पर एसीईओ राजेश कुमार, ओएसडी शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
सीईओ राकेश कुमार सिंह के प्रयासों से जिन किसानों को अब तक अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिल पाया था, उन्हें भी अब राहत मिलने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, उन किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही है, जहां किसानों को निर्धारित अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिला था। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र किसानों की सूची तैयार कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इससे हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से वे अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे थे, लेकिन अब प्राधिकरण स्तर पर इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों के अनुसार, मौजूदा नेतृत्व उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुन रहा है और समाधान भी तेजी से हो रहा है।
















