-किसानों और कृषि उपकरणों पर टैक्स घटाकर सिर्फ 5′
-वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ता, युवा वर्ग को मिलेगा लाभ: अमित कुमार
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 3 सितंबर को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत अब जीएसटी में केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रहेंगे, जबकि तंबाकू, सिगरेट और अतिरिक्त चीनी युक्त पेय पदार्थों पर 40 प्रतिशत का विशेष कर लागू रहेगा। नई दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी।
समाजसेवी और युवा नेता अमित कुमार ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बदलाव आम जनता के साथ-साथ युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए विशेष राहत का संदेश लेकर आया है। उन्होंने बताया कि कर ढांचे में यह सरलता न केवल व्यापारियों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी फायदे का सौदा साबित होगी। इस बदलाव से दैनिक जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में कटौती आएगी और सामान्य परिवारों की जेब पर सकारात्मक असर पड़ेगा। अमित कुमार ने कहा कि विशेष रूप से घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की चीजों पर कर में कमी लोगों के जीवन को आसान बनाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अब हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, बाथिंग सोप और टूथब्रश जैसी वस्तुओं पर कर 18 प्रतिशत की जगह केवल 12 प्रतिशत लगेगा। इसी प्रकार मक्खन, घी, चीज़ और डेयरी स्प्रेड्स पर कर 5 प्रतिशत किया गया है, जिससे रोजमर्रा की खरीदारी पर प्रत्यक्ष राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में भी कर में भारी कटौती की गई है। मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, डायग्नोस्टिक किट्स, टेस्ट स्ट्रिप्स और थर्मामीटर जैसे स्वास्थ्य उपकरणों पर कर कम करने से मरीजों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती होंगी। व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर कर शून्य कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार होगा। अमित कुमार ने इसे समाज के कमजोर वर्गों के लिए राहत का बड़ा कदम बताया। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी यह निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रैक्टर, उसके टायर और पार्ट्स, बायो-कीटनाशक, बायो-फर्टिलाइज़र, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और अन्य कृषि उपकरणों पर कर घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। अमित कुमार ने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और कृषि व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इससे नई ऊर्जा आएगी और खेती से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी कर में राहत दी गई है। पेट्रोल, डीज़ल, हाइब्रिड कारें, छोटी कारें और 300 सीसी से कम की मोटरसाइकिलों पर कर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। एयर कंडीशनर, टीवी, मॉनिटर और डिश वॉशिंग मशीन जैसी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर भी कर घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। अमित कुमार ने इसे युवाओं और तकनीकी उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल खरीदारी को आसान बनाएगा, बल्कि वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को भी बढ़ावा देगा।
शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं पर कर में राहत भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। नक्शे, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, क्रेयॉन्स, नोटबुक और रबर जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री पर अब कोई कर नहीं लगेगा। अमित कुमार ने इसे छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण राहत बताया। उनका कहना था कि इससे शिक्षा की लागत कम होगी और अध्ययन-संसाधन अधिक सुलभ होंगे। अमित कुमार ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीएसटी सुधार केवल कर की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे आम जनता, मध्यम वर्ग, छात्र, किसान और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस बदलाव का सही तरीके से लाभ उठाएं और इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए इस्तेमाल करें।
उन्होंने इसे विकास और समृद्धि की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से युवाओं में उत्साह पैदा होगा और उनकी जीवन शैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कर में राहत से न केवल परिवारों की दैनिक खर्च क्षमता बढ़ेगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी मजबूती आएगी। अमित कुमार ने इसे समाज में न्याय और समानता के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन उन लोगों के लिए राहत का संदेश है, जो लंबे समय से कर की जटिलता और उत्पादों की महंगाई से परेशान थे। अमित कुमार ने अंत में कहा कि इस बदलाव को सरकार की जनता केंद्रित नीति का प्रमाण माना जा सकता है। यह कदम युवाओं, गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जो कर में सरलता और आर्थिक राहत दोनों का संदेश देता है।















