-सीपीआर और उच्च रक्तचाप पर विशेषज्ञों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियाँ, आमजन को जागरूक करने का प्रयास
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थान एमएमजी अस्पताल में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें हृदय और श्वसन पुनर्जीवन प्रक्रिया (सीपीआर) तथा उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित जनसमूह, नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा छात्रों को जीवन रक्षक विधियों एवं रक्तचाप से संबंधित सतर्कता के उपायों की बारीक जानकारी दी। गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने सीपीआर की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक अत्यंत आवश्यक जीवन रक्षक प्रक्रिया है, जिसे सही समय और विधि से अपनाया जाए तो हृदय गति रुकने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आम नागरिक इस तकनीक को सीख लें तो सड़क दुर्घटना, हृदयाघात या अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता संभव हो सकेगी।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पवन कुमारी, डॉ. राहुल रमते तथा अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार आदिल सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकगण उपस्थित रहे। डॉ. राहुल रमते ने कार्यक्रम के दौरान सीपीआर की पूरी प्रक्रिया को व्यवहारिक प्रदर्शन के माध्यम से समझाया और बताया कि इसमें तीन प्रमुख चरण होते हैं जांच करना, सहायता बुलाना और छाती पर संपीडऩ देना। उन्होंने बलपूर्वक कहा कि यह आवश्यक है कि समाज का हर वर्ग इस तकनीक को सीखे और अभ्यास करे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्क्षण सहायता मिल सके। डॉ. पवन कुमारी ने उच्च रक्तचाप को मूक हत्यारा बताते हुए उसके कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनियमित जीवनशैली, अधिक नमक का सेवन, तनाव, व्यायाम की कमी और असंतुलित आहार इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने लोगों से नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराने, मानसिक तनाव से बचने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित व्यायाम करने की अपील की। गोष्ठी में अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, प्रशिक्षु छात्रों सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से स्पष्ट एवं वैज्ञानिक उत्तर प्राप्त किए। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाना और जीवनशैली संबंधी रोगों के प्रति सजग करना था। आयोजकों ने यह घोषणा की कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जनमानस को सतर्क और स्वस्थ बनाया जा सके। इस पहल को चिकित्सा जगत सहित आमजनों ने भी सराहा है और इसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में स्वास्थ्य चेतना को नई दिशा देगा।















