-अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की राष्ट्रीय बैठक में प्रतिभाग करेंगे डॉ. अनुज त्यागी
-समान वेतन आयोग, पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता पर बनेगी रणनीति
-समान वेतन आयोग, पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता पर बनेगी रणनीति
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। देशभर के शिक्षकों के हितों से जुड़ी नीतियों और समस्याओं पर चर्चा के लिए अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की राष्ट्रीय बैठक 12 अक्टूबर 2025 को मदुरई (तमिलनाडु) में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश के सभी राज्यों के शिक्षक प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील कुमार पांडे की अध्यक्षता में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार राष्ट्रीय सचिव के रूप में डॉ. अनुज त्यागी प्रतिभाग करेंगे। उन्हें हाल ही में संगठन के राष्ट्रीय सचिव का दायित्व सौंपा गया है। डॉ. त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय और समर्पित शिक्षक प्रतिनिधि हैं, जो वर्षों से शिक्षक संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सतत संघर्षरत हैं।
गाजियाबाद। देशभर के शिक्षकों के हितों से जुड़ी नीतियों और समस्याओं पर चर्चा के लिए अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ की राष्ट्रीय बैठक 12 अक्टूबर 2025 को मदुरई (तमिलनाडु) में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश के सभी राज्यों के शिक्षक प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील कुमार पांडे की अध्यक्षता में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार राष्ट्रीय सचिव के रूप में डॉ. अनुज त्यागी प्रतिभाग करेंगे। उन्हें हाल ही में संगठन के राष्ट्रीय सचिव का दायित्व सौंपा गया है। डॉ. त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक सक्रिय और समर्पित शिक्षक प्रतिनिधि हैं, जो वर्षों से शिक्षक संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सतत संघर्षरत हैं।
बैठक में देशभर के प्राथमिक शिक्षकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रमुख एजेंडा में शामिल हैं। जिनमें सभी राज्यों के शिक्षकों के लिए समान वेतन आयोग का लागू होना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से संबंधित हालिया सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर चर्चा। डॉ. अनुज त्यागी ने बताया कि हाल में आए न्यायालय के निर्णय से शिक्षक वर्ग में व्यापक असंतोष है, क्योंकि अब सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण है जिनकी सेवा सेवानिवृत्ति के कगार पर है। जिनके पास मात्र पाँच वर्ष की सेवा शेष है, उन्हें भी पदोन्नति के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।
यह नीति समीक्षा की माँग करती है। डॉ. त्यागी ने बताया कि मदुरई में होने वाली बैठक का प्रमुख उद्देश्य इस समस्या पर ठोस रणनीति तैयार करना और शिक्षकों की आवाज़ को केंद्र और राज्य सरकारों तक मजबूती से पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण की नींव हैं, और जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता की उम्मीद अधूरी रहेगी। डॉ. अनुज त्यागी का शिक्षक संगठन में योगदान लंबे समय से रहा है। उन्होंने 2011 में ब्लॉक अध्यक्ष के रूप में अपने संगठनात्मक सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे क्रमश: जिला मंत्री, प्रांतीय मंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष (दो कार्यकाल) के पदों पर कार्य कर चुके हैं और अब राष्ट्रीय सचिव के रूप में पूरे देश के शिक्षकों की आवाज़ बनकर सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य देश के प्रत्येक शिक्षक तक न्याय और समानता पहुँचाना है। आने वाली राष्ट्रीय बैठक शिक्षकों के लिए नई नीतिगत दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह बैठक शिक्षकों की असल आवाज़ को नीति-निर्माण के केंद्र तक पहुँचाने का माध्यम बनेगी। हमारा उद्देश्य है कि देशभर के शिक्षकों को समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पुरानी पेंशन जैसी बुनियादी सुविधाएँ पुन: प्राप्त हों। साथ ही टीईटी अनिवार्यता से जुड़ी जटिलताओं को दूर करने के लिए ठोस समाधान निकाला जाए। शिक्षक राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान ही शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाएगा।















