रविंद्र कुमार तिवारी – वित्तीय परामर्श के क्षेत्र में अयोध्या की धरती से उठी सफलता की प्रेरक गाथा

-परिवहन निगम की स्थायी नौकरी छोड़ बनाई नई पहचान
-30 देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रविंद्र तिवारी समाजसेवा और सच्चाई को मानते हैं असली सफलता का सूत्र

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। अगर नीयत सच्ची हो और मेहनत निरंतर, तो सफलता अपने आप रास्ता बनाती है। यह कहना है वित्तीय परामर्शदाता (फाइनेंशियल कंसलटेंट) रविंद्र कुमार तिवारी का, जिन्होंने नौकरी की स्थिरता छोड़कर वित्तीय जगत में अपनी नई पहचान बनाई और आज देश-विदेश में इस क्षेत्र के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। अयोध्या जनपद के गोसाईगंज निवासी रविंद्र कुमार तिवारी ने प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, गोसाईगंज से प्राप्त की। आगे की शिक्षा उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पूर्ण की। निरंतर ज्ञानार्जन की ललक ने उन्हें 2016 में भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) इंदौर और 2025 में आई.आई.एम. अहमदाबाद से प्रबंध विकास कार्यक्रम (एम.डी.पी.) करने के लिए प्रेरित किया। रविंद्र तिवारी बताते हैं कि उनके पिताजी सेना पृष्ठभूमि (आर्मी बैकग्राउंड) से थे, जिसके कारण उन्हें बचपन से ही अनुशासन, ईमानदारी और समर्पण जैसे गुण मिले। उनकी माता-पिता की सीख रही कि मेहनत और सच्चाई ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2001 में गाजियाबाद परिवहन निगम से की, लेकिन 2008 में उन्होंने एक साहसिक निर्णय लेते हुए वित्तीय जगत में कदम रखा। उन्होंने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जीवन बीमा कंपनी में बतौर वित्तीय परामर्शदाता (फाइनेंशियल कंसलटेंट) जुड़कर अपनी नई यात्रा शुरू की। वर्तमान में वे गाजियाबाद में निवासरत हैं और यहीं से अपना कार्यक्षेत्र संचालित करते हैं। साथ ही वे ए.जी.एस. फाइनकार्ड कंपनी में साझीदार (पार्टनर) हैं।

वित्तीय सेवा से लेकर समाजसेवा तक
रविंद्र तिवारी निवेश को सिर्फ लाभ नहीं, बल्कि जीवन की योजना मानते हैं। वे साझा निधि (म्युचुअल फंड), स्वास्थ्य बीमा, और वित्तीय परामर्श के क्षेत्र में वर्षों से कार्यरत हैं। 2011 में उन्होंने पहली बार लंदन में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सम्मेलन (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेमिनार) में भाग लिया, जिसके बाद अब तक वे विश्व के 30 से अधिक देशों में ऐसे सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी पत्नी स्नातकोत्तर शिक्षित हैं और उनके कार्य में उनका पूर्ण सहयोग करती हैं। उनकी बेटी बेनेट विश्वविद्यालय (टाइम्स ग्रुप) में और पुत्र मणिपाल विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण
रविंद्र तिवारी कहते हैं कि पैसा कमाना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी बड़ा कार्य है समाज में अच्छाई करने वालों का सहयोग करना। वे हर वर्ष अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा सामाजिक कार्यों, जरूरतमंदों की सहायता, और शादी-ब्याह जैसे मानवसेवी कार्यों में लगाते हैं। उनका मानना है कि जो समाज से कमाता है, उसे समाज को लौटाना भी चाहिए- यही सच्ची सफलता है।

पत्रकार और रविंद्र कुमार तिवारी के बीच पॉडकास्ट संवाद
प्रश्न 1: तिवारी जी, आप परिवहन निगम की स्थायी नौकरी छोड़कर वित्तीय क्षेत्र में कैसे आए?
उत्तर: जब मैं परिवहन निगम में था, तब महसूस हुआ कि नौकरी में सीमाएँ हैं। वित्तीय क्षेत्र में ईमानदारी और मेहनत के साथ असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ न केवल स्वयं को आगे बढ़ाया जा सकता है बल्कि दूसरों की आर्थिक सुरक्षा में भी योगदान दिया जा सकता है- यही मेरी प्रेरणा रही।

प्रश्न 2: निवेश करने से पहले आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: सबसे पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को समझें। साझा निधि में निवेश हमेशा दीर्घकालिक दृष्टिकोण से करें और बाजार के उतार-चढ़ाव से भयभीत न हों। बीमा के लिए आवश्यकता आधारित योजना अपनाएँ – जितनी जरूरत हो उतना ही बीमा लें, सिर्फ कर बचाने के लिए नहीं। सबसे जरूरी बात- सही सलाहकार चुनें, जो आपकी आवश्यकता समझे, न कि सिर्फ पॉलिसी बेचे।

प्रश्न 3: अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने आपके कार्य को कैसे प्रभावित किया?
उत्तर: विदेशों में लोगों को छोटी उम्र से ही वित्तीय अनुशासन सिखाया जाता है। वहाँ निवेश का अर्थ केवल पैसा बढ़ाना नहीं, बल्कि जीवन को व्यवस्थित करना होता है। मैंने यह सीखा कि ग्राहक को केवल लाभ नहीं, बल्कि भरोसा और सुरक्षा का अनुभव देना ही असली सफलता है।

प्रश्न 4: समाजसेवा के प्रति आपकी सोच क्या है?
उत्तर: मेरे लिए समाजसेवा कोई दिखावा नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है। मैं हर साल अपनी आय का हिस्सा उन लोगों के लिए समर्पित करता हूँ जो जरूरतमंद हैं, चाहे बेटी की शादी में मदद हो, शिक्षा का सहयोग या इलाज के लिए आर्थिक सहायता।

जीवन दर्शन
रविंद्र तिवारी कहते हैं कि अयोध्या की पावन धरती ने मुझे सिखाया है कि बड़ों का आदर और छोटे के प्रति स्नेह ही मेरा धर्म है। ईमानदारी और कर्म ही मेरी पूँजी हैं। रविंद्र कुमार तिवारी की जीवन यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में लक्ष्य स्पष्ट हो और नीयत सच्ची, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता असंभव नहीं। वे आज न केवल एक सफल वित्तीय परामर्शदाता हैं, बल्कि समाज में प्रेरणा का स्रोत भी हैं। जिन्होंने साबित किया है कि सच्ची संपत्ति धन नहीं, बल्कि विश्वास और सेवा है।