रोहिंग्या में वर्चस्व की जंग, 8 नागरिकों की मौत
ढाका। दुनिया के सबसे बड़े रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में एकाएक अशांति छा गई है। वहां वर्चस्व की जंग शुरू होने से नागरिकों की जान सांसत में है। कुछ गुटों में गैंगवार छिडऩे से अब तक 8 नागरिकों की जान चली गई है। चारों तरफ दहशत का आलम है। खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने को पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। दक्षिणी बांग्लादेश में दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है। जहां एक लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। वहां कुछ आपराधिक समूह सक्रिय हो गए हैं। इन गुटों में वर्चस्व की लड़ाई छिडऩे से बेकसूर नागरिकों की जान आफत में आ गई है। इन हथियारबंद गुटों में गैंगवार के चलते 8 नागरिकों की जान जा चुकी है। जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों को पलायन करना पड़ा है। शरणार्थी शिविरों में गोलाबारी, आगजनी और अपहरण की घटनाओं के बाद पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक कॉक्स बाजार के पास शहर में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रफीकुल इस्लाम ने फोन पर बताया कि वहां तनावपूर्ण स्थिति कायम है। 2 गुट वर्चस्व के लिए आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि दोनों गुट मानव तस्करी और ड्रग्स तस्करी में संलिप्त हो सकते हैं। यह क्षेत्र ड्रग्स की तस्करी के लिए बदनाम है। म्यांमार से लगा यह क्षेत्र हमेशा तस्करों की आवाजाही का केंद्र बना रहता है। बता दें कि काफी समय पहले म्यांमार से भाग कर बड़ी संख्या में रोहिंग्या परिवार बांग्लादेश की सीमा में आ गए थे। बांग्लादेश के उनके लिए शरणार्थी शिविरों की व्यवस्था की है। हालांकि इन शिविरों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। इन शिविरों में समय-समय पर अलग-अलग गुट अपना वर्चस्व कायम रखने को ताकत का प्रदर्शन करते रहते हैं। इसका खामियाजा बेकसूर नागरिकों को भुगतना पड़ता है।















