-बीडीएस तृतीय वर्ष के छात्रों को क्लीनिकल जिम्मेदारी सौंपते हुए दिलाई गई चिकित्सा नैतिकता की शपथ, टॉपर्स को किया सम्मानित
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज में शुक्रवार को बीडीएस पाठ्यक्रम के तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए परंपरागत व्हाइट कोट एवं एकेडमिक अवार्ड सेरेमनी का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह का उद्देश्य छात्रों को क्लीनिकल अभ्यास में प्रवेश देने से पूर्व न केवल उन्हें नैतिकता और जिम्मेदारी का बोध कराना था, बल्कि उनकी शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय उपलब्धियों को भी सम्मानित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ अखिलेश मोहन (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गाजियाबाद), आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर.पी. चड्ढा, एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने संयुक्त रुप से माँ सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान संस्थान के निदेशक-प्रधानाचार्य डॉ देवी चरण शेट्टी सहित समस्त विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य एवं गणमान्य उपस्थित रहे।
डीन (यूजी स्टडीज) डॉ पीयूष कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए व्हाइट कोट की परंपरा, गरिमा और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह दिन उनके चिकित्सकीय जीवन के लिए मील का पत्थर है। इसके पश्चात डॉ पायल शर्मा, डीन (सीडीई, एलुमनाई एवं रिसर्च) ने विद्यार्थियों की शोध, विज्ञान एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्टता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि संस्थान की समग्र गुणवत्ता का भी प्रमाण हैं। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के बीडीएस टॉपर्स को मुख्य अतिथि, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन द्वारा रैंक इम्प्रूवमेंट अवॉर्ड और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से इस समारोह में डॉ सोनाली तनेजा (डीन-पीजी स्टडीज) द्वारा छात्रों को नैतिक दंत चिकित्सकीय आचरण की शपथ दिलाई गई।
छात्रों ने पूरी निष्ठा के साथ रोगियों के प्रति करुणा और सेवा भावना के साथ काम करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान फैकल्टी एप्रिसिएशन और रिसर्च अवॉर्ड्स भी वितरित किए गए, जिसे निदेशक डॉ देवी चरण शेट्टी ने प्रदान किया। समारोह में नवनियुक्त क्लीनिकल छात्रों को प्रमाण-पत्र प्रदान करते समय छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने संस्थान की बुनियादी ढांचे, अकादमिक वातावरण और नैतिक शिक्षा की प्रशंसा की। वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने अपने संदेश में छात्रों से कहा कि दंत चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है।
उन्होंने छात्रों को शोध, आधुनिक तकनीक और निरंतर प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, ताकि वे भविष्य में वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट चिकित्सक बन सकें। मुख्य अतिथि डॉ अखिलेश मोहन ने आईटीएस डेंटल कॉलेज की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा एवं नैतिकता प्रदान करने वाला देश के अग्रणी कॉलेजों में से एक है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। समारोह का समापन डॉ शिवानी माथुर (डीन- स्टूडेंट्स अफेयर्स) के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी, जिसने संस्थान की गुणवत्ता, गरिमा और दायित्वबोध को एक नई ऊँचाई दी।

















