यमुना एक्सप्रेसवे मेडिकल डिवाइस पार्क में 12 औद्योगिक भूखंड आवंटित, 100 करोड़ का निवेश और 1000 रोजगार सृजन की तैयारी

– यीडा योजना-05 के तहत मेडिकल उपकरण निर्माण हेतु औद्योगिक भूखंडों का पारदर्शी आवंटन
– कैंसर केयर, रेडियोलोजी, इम्प्लांट्स, एनेस्थेसिया और इनविट्रो डायग्नोस्टिक्स में फर्मों को भूखण्ड प्रदान
– सीईओ राकेश कुमार सिंह ने सफल आवंटियों को औपचारिक पत्र सौंपे
– नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर के समीप विकसित हो रहा विश्वस्तरीय औद्योगिक केंद्र
– निवेश एवं रोजगार के माध्यम से देश में मेडिकल उपकरण निर्माण में आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मेडिकल डिवाइस पार्क योजना-05 के अंतर्गत सेक्टर-28 में औद्योगिक भूखण्डों का सफलतापूर्वक आवंटन पूरा कर लिया है। यह योजना देश में मेडिकल उपकरण निर्माण को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और औद्योगिक निवेश के जरिए रोजगार सृजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। यह योजना 16 जून 2025 से 06 अगस्त 2025 तक खुली रही। इस दौरान कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनकी जांच प्राधिकरण की सलाहकार फर्म मैसर्स ई0 एण्ड वाई0 द्वारा की गई। जांच के बाद 20 आवेदक पात्र पाए गए। पात्र आवेदकों ने 22 सितम्बर 2025 को प्राधिकरण कार्यालय के सभागार में आयोजित पारदर्शी और निष्पक्ष ड्रा प्रक्रिया में भाग लिया। इस ड्रा प्रक्रिया के माध्यम से कुल 12 औद्योगिक भूखण्ड मेडिकल डिवाइस निर्माण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों/इकाइयों को आवंटित किए गए। आवंटन में 02 भूखण्ड कैंसर केयर, 03 रेडियोलोजी एवं इमेजिंग, 01 इम्प्लांट्स, 03 एनेस्थेसिया एवं कार्डिओ रेस्पिरेटरी और 03 इनविट्रो डायग्नोस्टिक्स के लिए किए गए।

शुक्रवार को यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने सफल आवंटियों को औपचारिक रूप से आवंटन पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और योजनाबद्ध रही। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्देश्य केवल औद्योगिक विकास नहीं, बल्कि देश में तकनीकी नवाचार और स्वास्थ्य उपकरणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी है। यमुना मेडिकल डिवाइस पार्क नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जेवर के निकट विकसित किया जा रहा है। यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में मेडिकल उपकरण निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी केंद्र के रूप में उभरेगा। 12 आवंटन करने वाली फर्मों/इकाइयों द्वारा लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और 1000 से अधिक नए रोजगार सृजित होंगे। राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह परियोजना देश में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस औद्योगिक हब में आने वाले निवेश से न केवल चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्रीय रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्राधिकरण आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता, समय पर निर्णय और आवेदकों की सहायता पर विशेष ध्यान देता रहा है।

सफल आवंटियों ने यीडा की प्रक्रिया और प्राधिकरण की पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस औद्योगिक पार्क से देश में मेडिकल उपकरण निर्माण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा और युवा उद्यमियों को नवाचार के अवसर प्राप्त होंगे। इस पार्क के विकास से स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। यहां निर्मित उपकरण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध होंगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि औद्योगिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन को एक साथ जोड़कर समग्र आर्थिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क न केवल निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए आकर्षक है, बल्कि यह देश की स्वास्थ्य सुरक्षा, तकनीकी विकास और औद्योगिक मानकों को भी मजबूत करेगा। आने वाले समय में यह पार्क मेडिकल उपकरण निर्माण के लिए एक विश्वस्तरीय मॉडल बनेगा। इस प्रकार यमुना एक्सप्रेसवे मेडिकल डिवाइस पार्क योजना-05 का सफलतापूर्वक आवंटन न केवल उद्योग जगत में उत्साह का कारण बना, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति में भी मील का पत्थर साबित हुआ।

राकेश कुमार सिंह
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)
यमुना प्राधिकरण

यमुना एक्सप्रेसवे मेडिकल डिवाइस पार्क के अंतर्गत सेक्टर-28 के औद्योगिक भूखंडों का सफल आवंटन प्रदेश में मेडिकल उपकरण निर्माण को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना न केवल निवेश आकर्षित करेगी, बल्कि नवाचार और तकनीकी दक्षता को भी प्रोत्साहित करेगी। हमारा लक्ष्य प्रदेश को मेडिकल उपकरण उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाना और स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। इस पहल से आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी।
राकेश कुमार सिंह
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ)
यमुना प्राधिकरण