-मालदीव सिविल सर्विसेज के 30 वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा यशोदा मेडिसिटी का विश्वस्तरीय चिकित्सा मॉडल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने में यशोदा मेडिसिटी निरंतर नई उपलब्धियां जोड़ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को मालदीव सिविल सर्विसेज के 30 सदस्यीय वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने यशोदा मेडिसिटी का दौरा कर इसकी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, उन्नत तकनीक और मरीज-केंद्रित सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव किया। यह दौरा भारत और मालदीव के बीच स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। यशोदा मेडिसिटी पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। दौरे के दौरान अधिकारियों ने यशोदा मेडिसिटी के विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, स्मार्ट आईसीयू, डिजिटल डायग्नोस्टिक सिस्टम और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित उपचार व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों का भ्रमण करते हुए वहां उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं की सराहना की।
वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ हुई विस्तृत बातचीत में मरीज-केंद्रित देखभाल, नैदानिक उत्कृष्टता, सटीक एवं समयबद्ध उपचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों तथा नवाचारों पर आधारित चिकित्सा पद्धतियों पर गहन चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया गया कि किस प्रकार यशोदा मेडिसिटी जटिल और गंभीर रोगों के उपचार में भी उच्च सफलता दर के साथ कार्य कर रहा है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मरीजों को उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित एवं विशेषीकृत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में यशोदा मेडिसिटी की महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने माना कि यशोदा मेडिसिटी न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का एक विश्वसनीय केंद्र बनकर उभरा है, जिससे मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत हुई है।
यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी का उद्देश्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता, नवाचार और वैश्विक सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को एक नए स्तर तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय संवाद ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देते हैं और वैश्विक स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक होते हैं। डॉ. अरोड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि यशोदा मेडिसिटी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों, चिकित्सा विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के साथ सहयोग को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि विश्व स्तर पर सुरक्षित, सुलभ और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा सके।

















