गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में विधान सभा की पांचों सीट पर कुल 58.31 प्रतिशत मतदान किया गया। 2012 और 2017 के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गई है। मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का जिला प्रशासन का प्रयास रंग लाया है। वोटिंग डे पर मौसम भी सुहावना रहा था। जनपद में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया गया था। निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न होने से सरकारी तंत्र ने भी राहत की सांस ली है। मतदान केंद्रों व बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी।
निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार पुलिस-प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे कि मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर मतदाताओं के वाहन खड़े होंगे। इसके अलावा 200 मीटर की दूरी पर प्रत्याशियों के बस्ते लगेंगे। हालांकि मतदान के दरम्यान पुलिस-प्रशासन ने मतदाताओं के वाहनों को मतदान केंद्र तक जाने की छूट दे दी थी। नतीजन मतदाता अपने वाहनों से मतदान केंद्र तक पहुंचे। मोदीनगर, मुरादनगर, गाजियाबाद शहर, साहिबाबाद, लोनी व धौलाना (आंशिक) विधान सभा क्षेत्र में मतदान केंद्र व बूथों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान कराया गया था।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, एसएसपी पवन कुमार, एडीएम (प्रशासन) ऋतु सुहास, एडीएम (सिटी) विपिन कुमार, एसपी (ग्रामीण) डॉ. ईरज राजा, एसपी सिटी (प्रथम) निपुण अग्रवाल ने संवेदनशील केंद्र व बूथों का निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था में 25 हजार से ज्यादा सुरक्षा बलों को लगाया गया था। इसमें 81 कंपनियां अर्धसैनिक बलों की व जिले के साथ बाहरी पुलिस और होमगार्ड भी शामिल थे।
चुनाव मैदान में कुल 52 उम्मीदवार हैं। सभी की किस्मत का फैसला ईवीएम और वीवी पैट में कैद हो गया है। वोटर लिस्ट में खामियों के कारण बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने से वंचित रह गए। जबकि फर्जी मतदान की शिकायतें भी मिलीं। उधर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने बताया कि जनपद में 48 स्थानों पर ईवीएम खराब होने की शिकायत मिली थी। सूचना मिलने पर ईवीएम को बदल दिया गया।















