-आबकारी विभाग ने तस्करों पर कसा शिकंजा, दिन-रात चेकिंग जारी
गाजियाबाद। न्यू ईयर पर अवैध शराब की खपत बड़े पैमाने पर होती है। बाहरी राज्यों में ट्रेन से शराब की तस्करी करने वाले लोगों ने ट्रेंड बदल दिया है। आम यात्री की तरह बकायदा कोच में आरक्षण कराकर बैठते हैं। पकड़े जाने के डर से शराब को कभी लावारिस हालत में जहां-तहां छिपा देते हैं। मगर, जिला आबकारी विभाग ने शराब तस्करों से निपटने के लिए जांच एवं कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। ऐसे में तस्करों ने अवैध शराब बनाने का धंधा शुरू कर दिया है। अवैध शराब के तस्करों तक पहुंचने के लिए आबकारी विभाग ने नया तरीका खोजा। मुख्य मार्गों पर चेकिंग के बाद अब रेलवे स्टेशन पर भी ध्यान दिया गया है।
आबकारी निरीक्षकों की टीम मुख्य मार्गो के साथ अब रेलवे स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों में जांच-पड़ताल कर रही है। दरअसल ट्रेनों के जरिए भी अवैध शराब की तस्करी होने की आशंका है। अलबत्ता शराब तस्करी के इस रूट को बंद करने की कोशिश की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने हाइवे के साथ ढाबा, तस्करों के ठिकानों के साथ रेलवे स्टेशन पर भी दिन-रात चेकिंग करने का निर्देश दिया है। कहा कि आबकारी इंस्पेक्टर की संलिप्तता नहीं हो, इसको देखते हुए रोज अलग-अलग टीम भेजी जाती है। यह टीम लगातार चेकिंग करेगी। जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर संदिग्ध यात्रियों के सामान की जांच कराई जा रही है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में जाकर आबकारी निरीक्षण जांच-पड़ताल कर रहे हैं।
इसके अलावा सभी सेक्टर के इंस्पेक्टरों को देशी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। दुकानों पर अधिक रेट में शराब बेचने और मिलावट की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यदि कोई ग्राहक शिकायत करता है तो उसे गंभीरता से लें। इसी क्रम में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के डासना चेक पोस्ट पर छोटे वाहनों, ट्रकों बसों आदि की चेकिंग की जा रही है। मगर चेकिंग के दौरान कोई भी अवैध शराब बरामद नही पाया गया।
















