BJP – भाजपा प्रदेश मंत्री पर हमला, समर्थकों के साथ मारपीट

– BJP ने उपद्रवी किसानों पर कार्रवाई की मांग करते हुए एसएसपी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

BJP- गाजियाबाद। यूपी गेट पर प्रदर्शन कर रहे किसान उपद्रव पर उतर आए हैं। उपद्रवी किसानों ने बुधवार को BJP के प्रदेशमंत्री के काफिले पर हमला कर दिया। इसकेेे बाद आंदोलनजीवी किसानों और भाजपा समर्थकों से झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी खूब हुई। बवाल और हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची।

इस घटना में BJP कार्यकर्ताओं की गाडिय़ों को भी तोड़ा गया। घटना की सूचना के बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह व एसएसपी अमित पाठक समेत पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं घटना की सूचना मिलते ही भाजपाईयों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्र्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि किसान हो या फिर कोई राजनीतिक दल के लोग कोई भी गैर कानूनी कार्य न करें। किसान संगठनों को गैर कानूनी कार्य नहीं करना चाहिए। उनका आंदोलन चल रहा है। यह अपराध की श्रेणी में आता है। इससे बचना चाहिए। वहीं, यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर हुई मारपीट के मामले की पुलिस जांच कर रही है। एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसानों और BJP समर्थकों के बीच हुई मारपीट और हंगामे के दौरान एडीएम सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ अंशु जैन भारी पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैदी से डटे रहे। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद धरनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।
BJP के नवनियुक्त प्रदेशमंत्री अमित वाल्मीकि का स्वागत करने के लिए कार्यकर्ता बुधवार सुबह साढे 10 से 11 बजे के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर खड़े थे। आरोप है कि जैसे ही अमित बाल्मीकि काफिला जब किसानों के मंच के सामने पहुंचा तो किसानों और भाजपाइयों में नोकझोंक हो गई। BJP के नेताओं ने किसानों पर आरोप लगाया कि उन्होंने काले झंडे दिखाए और धारदार हथियारों से हमला किया, वहीं किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं ने खुद ही उकसावे वाली हरकतें की और खुद ही अपनी कारें तोड़ दीं। भाजपा नेता व पार्षद यशपाल पहलवान ने आरोप लगाया कि हमलावर किसान नहीं बल्कि राकेश टिकैत के गुंडे थे। उनके हाथों में काले झंडे और धारदार हथियार थे। जिससे उन्होंने हमला बोला। हमले में कई कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें भी आई है। एक महिला नेत्री का तो पैर तक टूट गया। यशपाल पहलवान के हाथ में भी चोट आई। किसी की सोने की चैन तो किसी का मोबाइल लूट लिया गया। महिला नेत्रियों से अभद्रता भी की गई।

किसान नेता टिकैत ने बताया भाजपा की करतूत
वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने इस घटना को भाजपा की करतूत बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना किसान आंदोलन की बदनाम करने की नियत से सोची-समझी साजिश है। इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन समिति के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं ने उकसावे वाली हरकतें कीं। वह आंदोलन मंच के पास आकर ढोल बजाने लगे। इसके बाद उन्होंने नारेबाजी भी शुरू कर दी। जिसके बाद विवाद बढ गया। वहीं गाडिय़ों को हुए नुकसान को लेकर जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुद अपनी गाडिय़ों को नुकसान पहुंचाया। आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे राकेश टिकैत ने कहा कि भाजपाई मंच कब्जाना चाहते थे। इसी वजह से झगडा हुआ। साथ उन्होंने यह भी कहा कि सूबे में BJP की झंडा लगी गाडिय़ों को चलने नहीं दिया जाएगा। टिकैत ने कहा कि कोई मंच पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो बक्कल उतार देंगे। उनको आना है तो BJP छोड़ कर आ जायें। उन्होंने कहा कि BJP कार्यकर्ता पिछले तीन दिन से आ रहे हैं। पुलिस उन्हें संरक्षण दे रही है।

एसएसपी कार्यालय पर भाजपाईयों का प्रदर्शन
यूपी गेट पर घमासान के बाद BJP नेताओं ने एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर किसानों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान भाजपाई अपने साथ बतौर किसानों की एक तलवार भी लेकर पहुंचे। जिसको लेकर उनका दावा था कि यह तलवार आंदोलन स्थल पर हुई झगड़े से वह लेकर आंए हैं। BJP नेताओं ने आरोपियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज करने की मांग की। महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि अमित वाल्मीकि के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग दिल्ली मेरठ हाइवे पर ऐलिवेटिड रोड के मुहाने पर खड़े थे तभी किसानों का एक जत्था हथियारों के साथ वहां आया और कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। किसानों ने वहां खड़ी गाडिय़ों पर तलवार और लाठी-डंडों से वार कर तोडफ़ोड़ की। महानगर मंत्री गुंजन शर्मा नेे कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने वाले किसानों की वेशभूषा में गुंडे है। दोषियों के खिलाफ अगर सख्त कार्र्रवाई नही की गई तो किसानों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। जिस तरह से तरह से किसानों ने कार्यकर्ता एवं महिला कार्र्यकर्ताओं से अभद्र भाषा का इस्तेमाल एवं मारपीट की है। वह बर्दास्त नही की जाएगी। किसानों ने गाड़ी में तोडफ़ोड़ की है। अगर किसान प्रदर्शन कर रहें है तो उनके पास धारदार हथियार कहां से आ गये। पार्षद यशपाल पहलवान ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर आरोप लगाया कि वह बाल्मीकि समाज की प्रगति से चिढते हैं। अगर ऐसा ना होता तो एक बाल्मीकि नेता के बड़े पद मिलने पर उनके स्वागत कार्यक्रम में ऐसे खलल ना डाला जाता। घटना की शिकायत पुलिस व प्रशासन से कर दी है। अगर मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन स्थल पर कूड़ा डाला जाएगा। इसके अलावा जनपद ही नहीं पूरे सूबे की सफाई व्यवस्था को ठप्प कर दिया जाएगा।

अराजकता में शामिल किसानों पर हो एक्शन
गाजीपुर बार्डर पर आंदोलनकारी किसानों एवं बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव की घटना को स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने बेहद शर्म नाक एवं अराजकता पूर्ण बताया है। उन्होंने बताया कि डीएम एवं एसएसपी को स्पष्ट रूप से आदेश दिए गए है कि इस अराजकता में जो भी लोग शामिल रहे है, उन पर एक्शन लिया जाए। श्री सिंह ने कहा कि घटना के बाद ये स्पष्ट हो गया है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता का आंदोलन में शामिल किसानों पर किसी तरह का कंट्रोल नहीं है। इस घटना को लेकर जितना दुख जताया जाए वह कम है।