सैनिटाइजेशन, ऑक्सीजन, होम आइसोलेशन कार्यों में निगम टीम का बेहतर प्रयास

-कोविड-19 सक्रमण से शहर का बचाव, नगर आयुक्त के नेतृत्व में सैनिटाइजेशन ऑक्सीजन, होम आइसोलेशन की व्यवस्था
-अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव, उधान प्रभारी अनुज कुमार सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण मोइनुद्दीन की विशेष भूमिका

गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण काल में गाजियाबाद नगर निगम की भूमिका देखा जाए तो अहम हो गई है। पिछले साल भी नगर निगम ने संक्रमण की रोकथाम के लिए बेहतर प्रयास किए थे और शहर में सैनिटाइजेशन के लिए विशेष अभियान चलाया था। ऐसे में एक बार फिर कोरोना की दूसरी लहर की रोकथाम के लिए नगर निगम ने बेहतर कार्य किए। जिसके चलते काफी हद तक जनपद में कोरोना संक्रमण को नगर निगम के प्रयासों के चलते काबू पा लिया गया। हालाकि इस बार नगर निगम के कई कर्मचारी एवं अधिकारी कोरोना पॉजीटिव हो गये, जिसके बाद भी नगर निगम का अभियान युद्ध स्तर पर लगातार जारी रहा। पिछले साल से ज्यादा भयावह स्थिति इस साल कोरोना संक्रमण से हो गई है। कोरोना कि दूसरी लहर में कार्यालयों में ज्यादा अधिकारी कर्मचारी संक्रमित हुए। कोरोना वायरस के खिलाफ नगर निगम ने मोर्चा खोले रखा और लगातार शहर में सफाई कार्यों के साथ-साथ बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन का काम किए गये। इसके साथ
ऑक्सीजन तथा होम आइसोलेशन की बेहतर व्यवस्था कोविड-19 संक्रमण से शहर का बचाव कार्य निगम का सराहनीय रहा। इस कार्य को अंजाम देने के लिए नगर आयुक्त महेंन्द्र सिंह तंवर के नेतृत्व में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जो भूमिका निभाई है, वह सराहनीय है। निगम के कार्य की आरडब्लूए, सोसायटी एवं क्षेत्र के लोग प्रशंसा कर रहें है। क्योंकि इस बार कोरोना की लड़ाई में निगम के कर्मचारियों ने सुबह सफाई अभियान, शाम को सेनेटाइजेशन-फॉगिंग और उसके बाद होम आइसोलेशन मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई करने में लगा रहा। सही मायनें में असली कोरोना योद्धा निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी है।
नगर आयुक्त महेंन्द्र सिंह तंवर बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जिसमें गाजियाबाद का प्रमुख दायित्व साफ सफाई, फागिंग तथा सैनिटाइजेशन कार्य है। दैनिक नगर निगम की कार्यशैली प्रभावित न हो इसके लिए अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव को सैनिटाइजेशन व्यवस्था का नोडल प्रभारी बनाया गया तथा प्रतिदिन शहर में लगभग 500 क्षेत्रों में पार्षदों की मदद से सैनिटाइजेशन का कार्य संपन्न किया जा रहा है।
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ऑक्सीजन गैस की किल्लत हुई दूर
जब शहर में ऑक्सीजन की समस्याओं को बढ़ते देखा तो उत्तर प्रदेश के नोडल ऑफिसर द्वारा नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को ऑक्सीजन गैस नोडल प्रभारी बनाया गया। ताकि योजनाओं के तहत कार्य कर शहर को ऑक्सीजन की समस्या से छुटकारा दिलाया जा सकें और ऐसा ही हुआ नगर वासियों को पांचों जोनल कार्यालयों के माध्यम से समय अनुसार ऑक्सीजन गैस उपलब्ध हो रही है। जिसमें एक बहुत बड़ी टीम नगर आयुक्त द्वारा लगाई गई। ताकि किसी प्रकार की भीड़ भाड़ या अन्य कार्य अव्यवस्थित न हों। पूरी कार्य को संभालने के लिए उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह को ऑक्सीजन गैस प्रभारी की जिम्मेदारी जिम्मेदारी सौंपी। आज जिले में ऑक्सीजन गैस की किल्लत समाप्त हो गई है। सभी हॉस्पिटलों में भी लगातार निरीक्षण कर ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों का जायजा लिया जा रहा है। लगभग 150 से अधिक, ऑक्सीजन गैस के सिलेंडर प्रतिदिन भरवाकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है।
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होम आइसोलेशन: संक्रमण को शहर में फैलने से मिली मदद
शहर को होम आइसोलेशन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा संस्थाओं एनजीओ के साथ सहयोग कर मानसरोवर में 150 बेड की व्यवस्था, मेडिकल किट की व्यवस्था खानपान की व्यवस्था अन्य कई व्यवस्थाओं के साथ होम आइसोलेशन केंद्र को तैयार किया गया है। जिसमें नगर आयुक्त द्वारा मोइनुद्दीन मुख्य अभियंता निर्माण को नोडल प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। होम आइसोलेशन केंद्र में 40 से अधिक लोग 2 दिन में एडमिट हुए हैं तथा कोविड-19 संक्रमण को शहर में फैलने से रोका जा रहा है। शहर को कोरोना मुक्त बनाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई है, उस कार्य को निगम के अधिकारी बखूबी अंजाम दे रहें है। शहर को जल्द ही कोविड-19 संक्रमण से मुक्ति मिलेगी और शहर वासियों की जीत होगी। कार्यों को बहुत ही सरलता से संपूर्ण करने के लिए शहर के विधायकों, मेयर आशा शर्मा के निर्देशन में कार्य किया जा रहा है। शहरवासियों द्वारा पार्षदों के इस अनूठे कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है।