वृद्ध ने सड़क पर तोड़ा दम, घंटो सड़क पर पड़ी रही डेडबॉडी

-पार्षद ने दिया मानवता का परिचय, एंबुलेंस से दिल्ली पहुंचाई बॉडी

गाजियाबाद। दिल्ली के व्यक्ति को उपचार न मिलने और ऑक्सीजन लेवल निरंतर घटने के कारण मौत हो गई। वैशाली सेक्टर-1 में इलाहाबाद बैंक के पास सोमवार की शाम यह घटना प्रकाश में आई। इस बीच पिता के शव के पास बेटा कई घंटे खड़ा रहा। बाद में क्षेत्रीय पार्षद की मदद से शव को दिल्ली भेजा गया। पार्षद मनोज गोयल को फोन पर सूचना मिली थी कि इलाहाबाद बैंक सेक्टर-1 वैशाली के पास एक व्यक्ति की लाश पड़ी है। साथ में मृतक का लड़का है। जानकारी करने पर पता चला कि पुत्र अपने पिता को बाइक पर बैठाकर इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहा था। ऑक्सीजन की कमी के वजह से उनकी मृत्यु बाइक पर ही हो गई। मौत होने के बाद लगभग एक घंटे तक वह व्यक्ति रोड पर ही पड़ा रहा। क्षेत्र के एक-दो सामाजिक लोगों के अलावा कोई व्यक्ति उनके आस-पास भी नहीं भटक रहा था। कोई उनसे यह भी नहीं पूछ रहा था आप कहां से आए हैं, कहां रहते हैं। सबके मन में कोरोना का डर समाया था। मानवता तार-तार हो रही थी। मैंने उस व्यक्ति से पूछा आप कहां रहते हैं। उन्होंने कहा हम दिल्ली विनोद नगर में रहते हैं। हमारे पिताजी 14 अप्रैल से बुखार से पीडि़त थे। आज उनका ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मैं दिल्ली के अस्पतालों में गया। किसी ने हमारा इलाज नहीं किया। मैं उनको लेकर गाजियाबाद की तरफ आया। यहां भी अस्पतालों में मारा-मारी थी। सब ने कहा हमारे यहां जगह नहीं है। एक अस्पताल ने तो लगभग आधे घंटे ऑक्सीजन पर रख कर कह दिया कि हमारे यहां जगह नहीं है। इन्हें किसी और अस्पताल में ले जाओ। मैं उनको लेकर अन्य अस्पताल में जाने लगा, तभी सेक्टर-1 नाले के सामने इलाहाबाद बैंक के पास हमारे पिताजी बाइक से गिर पड़े और वहीं खत्म हो गए। हमने उनके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई और वापस उनके स्थान दिल्ली भेज दिया। हमारे जीवन की यह बड़ी दुखद घटना है। राहगीर भी चलते फिरते वहां रूकने को तैयार नहीं है। पार्षद ने मानवता दिखाते हुए पीडि़त की मदद की और डेडबॉडी को एंबुलेंस से दिल्ली पहुंचवाया। दिल्ली के रहने वाले 70 साल के इस व्यक्ति की अस्पताल ढूंढते-ढूंढते मौत होना कई सवाल खड़े करती है।