-उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का ऐलान, उपभोक्ता सुविधा पर जोर
-राजस्व वसूली बढ़ाने और आत्मनिर्भर ऊर्जा निगम बनाने पर भी चर्चा
गाजियाबाद। विद्युत अभियन्ता संघ गाजियाबाद एवं नोएडा का संयुक्त क्षेत्रीय सम्मेलन गुरुवार को गाजियाबाद में आयोजित किया गया। सम्मेलन में विभिन्न जरूरी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने बेहतर उपभोक्ता सेवा देने, राजस्व वसूली बढ़ाने, लाइन लॉस कम कर आत्मनिर्भर ऊर्जा निगम बनाने पर जोर दिया।
सर्वप्रथम संयुक्त क्षेत्रीय सम्मेलन की प्रस्तावना सहायक सचिव के.के. सारस्वत ने प्रस्तुत की। इस बीच मैन, मैटीरियल एवं मनी की कमी से जूझ रहे विद्युत अभियंताओं ने कारपोरेशन में जारी दमनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि कार्य का स्वस्थ वातावरण न मिलने से अभियंता अत्यंत मानसिक तनाव में हैं। पदोन्नतियों के नियमों में किए गए अनावश्यक संशोधन निरस्त कर रोकी गई पदोन्नतियां किए जाने की पुरजोर मांग की गई। सम्मेलन में अभियंताओं द्वारा प्रमुख रूप से क्षेत्रों में मैन, मैटीरियल एवं मनी की कमी के कारण बेहतर उपभोक्ता सेवा एवं विद्युत आपूर्ति प्रदान करने में आ रही व्यवहारिक परेशानियों पर केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराया गया। इसके अलावा अभियंताओं की तमाम ज्वलंत समस्याओं का निराकरण न होने एवं प्रबंधन द्वारा छोटी-छोटी बातों पर दंडात्मक कार्यवाही करने जैसी बढ़ती नकारात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्यप्रणाली से मिल रहे अत्यधिक मानसिक तनाव से अभियंताओं ने आक्रोश व्यक्त किया। 
क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य रूप से विद्युत अभियंता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष इं. वी.पी. सिंह, महासचिव प्रभात सिंह, उपाध्यक्ष पश्चिमांचल कपिल कुमार तेवतिया, सहायक सचिव पश्चिमांचल कृष्ण कुमार सारस्वत, गाजियाबाद क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं. हिर्देश गोस्वामी, नोएडा के क्षेत्रीय सचिव चंद्रवीर, गाजियाबाद के शाखा सचिव आलोक त्रिपाठी, नोएडा के शाखा सचिव अब्बास काजमी, मंडल सचिव दीपक गुप्ता, रजनीश, सौरभ रॉय, उमाकांत, अरशद अली, मन्नू, आदित्य भदौरिया, कोषाध्यक्ष विशाल कंसल इत्यादि उपस्थित रहे।
क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विद्युत अभियंता संघ के अध्यक्ष वी.पी. सिंह एवं महासचिव प्रभात सिंह ने ऊर्जा निगमों एवं अभियंताओं के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर प्रकाश डालकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व व ऊर्जा मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्व वसूली बढ़ाने एवं बेहतर उपभोक्ता सेवा प्रदान कर ऊर्जा निगमों को आत्मनिर्भर बनाए जाने का संकल्प व्यक्त किया, जिससे प्रदेश की जनता को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण अनवरत बिजली उपलब्ध कराए जाने के मुख्यमंत्री के हरदम बिजली सबको बिजली के संकल्प को पूरा किया जा सके। उन्होंने अभियंता संवर्ग के सामने आ रही चुनौतियों एवं उनसे निपटने की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि ऊर्जा निगमों में पदोन्नति नियमों में बदलाव कर अभियंताओं को पदोन्नतियां से वंचित करने का कुचक्र चलाया जा रहा है। विगत दिनों पदोन्नति नियमों में रातों-रात परिवर्तन कर मुख्य अभियंता (स्तर-1) के 11 पदों पर पदोन्नतियां नहीं की गई। नतीजन 50 से अधिक पदों पर अभियंता पदोन्नति से वंचित हो गए हैं। अन्य रिक्त पदों पर भी पदोन्नतियां नहीं की जा रही हैं। यह चिंताजनक एवं खतरनाक है तथा सेवा शर्तों को कमतर करने की कोशिश है। वीसी के नाम पर अभियंताओं को अनावश्यक तनाव देकर धमकाया जा रहा है। ऊर्जा निगमों को गैर-तकनीकी प्रबंधन द्वारा एकतरफा, मनमाने ढंग से चलाये जाने से ऊर्जा सेक्टर तकनीकी तौर पर कमजोर होता जा रहा है, जो चिंताजनक है। 
उपाध्यक्ष कपिल कुमार तेवतिया ने कहा कि पूरे प्रदेश के बिजली अभियंता मुख्यमंत्री के सबको बिजली हरदम बिजली के संकल्प को पूरा करने में जी-जान से दिन-रात जुटे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण विगत माह 25000 मेगावाट से अधिक की बिजली का पारेषण/वितरण किया जाना है, परंतु विडम्बना यह है कि बिजली अभियंताओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों एवं उपलब्धियों का प्रबंधन द्वारा कोई प्रोत्साहन नहीं दिया जा रहा है। बिजनेस प्लान शून्य होने के वजह से तमाम आवश्यक कार्य लम्बित पड़े है। सम्मेलन के द्वितीय सत्र में गाजियाबाद एवं नोएडा से आए अभियंताओं ने बताया कि क्षेत्रों में संसाधनों/सामग्री की भारी कमी है, कार्य का स्वस्थ वातावरण न होने एवं बजट में कटौती से बिजली उपकेंद्रों के अनुरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बेहतर उपभोक्ता सेवा देने में अत्यधिक व्यवहारिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे आमजन के बीच सरकार की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत समस्त अभियंता उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति, बेहतर उपभोक्ता सेवा प्रदान करने, लाइन लॉस कम करने, राजस्व वसूली बढ़ाकर ऊर्जा निगमों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु संकल्पबद्ध हैं, मगर ऊर्जा निगम प्रबंधन द्वारा लगभग सभी अभियंताओं को किसी न किसी बात पर जांच एवं आरोप पत्र देकर अत्यधिक मानसिक तनाव देने का अभियान सा चला रखा है। 
महासचिव प्रभात सिंह ने कहा कि संवाद से समाधान के मंत्र का पालन कर ऊर्जा निगम प्रबंधन से वार्ता कर बिजली अभियंताओं एवं प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की व्यवहारिक समस्याओं के सार्थक एवं त्वरित निराकरण के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, परंतु प्रबन्धन द्वारा अभियंताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। अभियंताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से ऊर्जा निगमों में दमनात्मक, दंडात्मक तथा पदोन्नतियां रोकने जैसी नकारात्मक कार्यप्रणाली समाप्त कर कार्य का स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव अरशद अली ने किया। क्षेत्रीय सम्मेलन में इं. पंकज, सिद्धार्थ मिश्रा, वीके आर्या, सुनील कपूर, पीके सिंह, नंदकिशोर, निरंजन, पुनीत, एस.के. गुप्ता, एपी वशिष्ठ, अवधेश, रामयश, एसपी सिंह, अवनीश, राजीव आर्या, एके वर्मा, गुलशन गोयल, अमन नौटियाल, अशोक शर्मा, महेश, महावीर, अतुल, अनिक गौर, अति गुप्ता, वैभव हजेला आदि उपस्थित रहे।
















