गाजियाबाद। जल निगम के कर्मचारियों को पिछले 6 माह से ज्यादा समय से वेतन नहीं मिलने समेत कई मांगों को लेकर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले निगम कर्मचारियों के संगठनों ने राजनगर स्थित जल निगम के मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरने में कार्यरत,सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संगठनों एवं सदस्य मौजूद रहे। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि माह सितंबर-2020 से 5 माह तक का वेतन एवं पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है। इसे तत्काल कराया जाए। कर्मचारियों ने भुगतान एवं प्रतिमाह नियमित रूप से वेतन,पेंशन का भुगतान ट्रेजरी से कराने के लिए धरना दिया। वर्ष-2016 से बकाया सभी पेंशनरों का तत्काल भुगतान एवं भूखमरी के कगार पर पहुंच चुके मृतक कार्मिकों के आश्रित परिवार के सदस्यों की वर्ष 2018 से असवैंधानिक रूप से अवरूद्ध अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति तत्काल बहाल करने की मांग की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। धरने में सभी घटक संघों के पदाधिकारियों ने अपनी सभी मांगों को लेकर कहा। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि यदि उप्र जल निगम प्रशासन हमारी मांगों को तत्काल पूरा नहीं करता है तो उप्र जल निगम संघर्ष समिति आने वाले समय में आंदोलन करेंगी।जल निगम प्रशासन की नाकामी के फलस्वरूप शासन द्वारा निरन्तर जल निगम के काम छीन कर अन्य अयोग्य संस्थाओं से कराने की कोशिश की जा रही है,जल निगम कार्य मद से अर्जित सेंटेज पर निर्भर रहता है इसलिए जल निगम की वर्तमान वित्तीय स्थिति के लिए पूर्णत:जल निगम प्रशासन जिम्मेदार है,जिसका खामियाजा जल निगम का प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी और उनके परिवार भुगत रहा हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के जिला संयोजक इंजीनियर विक्रम सिंह,बबलू कुमार,अजय कुमार,सुभाष शर्मा,नवीन भरतवाल,नीरज शर्मा, श्रीपाल शर्मा,प्रेम सिंह कुशवाहा आदि दर्जनों मौजूद रहे।















