गाजियाबाद में महिला डॉक्टर को लगा पहला कोरोना टीका

स्वास्थ्य मंत्री ने की कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरूआत

देश में बना टीका सबसे सस्ता और सबसे कारगर : स्वास्थ्य राज्यमंत्री

सीएमएस एवं सीएमओ को लगा कोरोना का पहला टीका

गाजियाबाद। जनपद में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। कोरोना टीकाकरण में 400 के सापेक्ष 379 लोगों को टीका लगाए गए। उप्र सरकार के राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अतुल गर्ग, जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.के. गुप्ता की उपस्थिति में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एनके गुप्ता एवं जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता गोयल को पहला टीका लगाया गया। जिलाधिकारी ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान को पूर्ण मानकों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। जिला महिला अस्पताल में कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। इस मौके पर जिलाधिकारी पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के इतिहास में आज का दिन एवं समय स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विगत 1 वर्ष से जन-सामान्य को कोरोना से बचाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। तदुपरांत फ्रंट में कार्यरत अन्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकार के टीकाकरण अभियान का लाभ प्राप्त होगा।

इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएमएस जिला महिला अस्पताल डॉ. संगीता गोयल को टीकाकरण होने के उपरांत निर्धारित कार्ड भी उपलब्ध कराया, जिसके माध्यम से 28 दिवस के बाद उन्हें दूसरी डोज वैक्सीन के रूप में दी जाएगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष कुमार वैश्य, नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अलावा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद रहे। इसके अलावा 3 अन्य स्थानों पर भी कोविड-19 टीकाकरण अभियान संचालित कर चयनित लाभार्थियों का टीकाकरण किया गया। जिसमें संतोष मेडिकल कॉलेज, यशोदा अस्पताल एवं सीएचसी डासना सम्मिलित हैं। सभी स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई।

जिले में कोरोना का पहला टीका लगने के साथ ही शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले में शाम 5 बजे 400 लोगों में से 379 यानि कि 95 प्रतिशत कोरोना टीका से प्रतिरक्षित किया गया। प्रतिरक्षित लोगों को कोविड-19 टीका की अगली डोज के लिए 15 फरवरी की तारीख दी गई। इसके लिए उनके मोबाइल पर मैसेज भी दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 15 जनवरी तक 26448 कोरोना मरीज पॉजिटिव आए हैं। अब तक 26074 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और कुल 264 एक्टिव केस हैं। अब तक जनपद में कुल 102 लोगों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि जनपद में कोरोना को मात देने के लिए वैक्सीन की 27410 डोज जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पहले डोज के बाद दूसरा डोज 28वें दिन लगेगा। टीका लगने के बाद आधे घंटे तक लाभार्थी स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण केंद्र पर रोका गया। हालांकि किसी भी लाभार्थी को कोई परेशानी नहीं हुई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि कोई व्यक्ति बिना पंजीकरण के कोरोना वैक्सीन नहीं प्राप्त कर सकता है।
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में 100 लोगों का टीकाकरण
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में शनिवार को हॉस्पिटल के कोविड-19 प्रबंधन एवं स्ट्रेटजी के निदेशक डॉक्टर आर के मनी ने प्रथम रजिस्ट्रेशन कराया और टोकन नंबर एक के साथ उनको सबसे पहला टीका लगाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम द्वारा सात अलग अलग चरणों में 100 लोगों का टीकाकरण किया गया।

जिसमें 64 पुरूष, 33 महिला एवं 4 लोगों को पहले कोरोना हो चुका था। अस्पताल के डेंटिस्ट डॉक्टर डॉ पायल अग्रवाल , हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अमित शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मीनाक्षी शर्मा एवं अन्य डॉक्टरों एवं स्टाफों को कोविड-19 का टीका लगागया गया।

डॉ आर के मणि ने यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी टीकाकरण बूथ पर सबसे पहले टीका लगवाते हुए कहा कि वह गर्व महसूस कर रहे हैं और उन्होंने कहा कि अब हम कोविड पैंडेमिक से निपटने के लिए कदम आगे बढ़ा रहे हैं। एक डॉक्टर होने के नाते उन्हें समाज के लिए अग्रणी बनना है क्योकि जब हम डॉक्टर सुरक्षित रहेंगे तो हमारे आस पास के लोग सुरक्षित रहेंगे, डॉक्टर एक दिन में सैकणों मरीजों को मिलता है और यदि वह संक्रमित हो गया तो कई लोगों को संक्रमित कर सकता है इसलिए डॉक्टर्स और हेल्थ्केयर वर्कर्स को पहले टीकाकरण की बहुत महत्ता है। डॉ पायल अग्रवाल ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक एवं भावुक छण है क्योकि हम टीका लगवा पा रहे हैं। मगर हमने अपने करीबी लोगों को कोविड की वजह से खोया है।