संबंधित इंजीनियरों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए
गाजियाबाद। अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए का जल्द और सख्त रूख देखने को मिलेगा। मानचित्र स्वीकृत कराए बगैर निर्माण करने पर खैर नहीं होगी। जीडीए के अपर सचिव एवं नोडल अधिकारी (प्रवर्तन) सी.पी. त्रिपाठी ने इस संबंध में सभी जोन के प्रवर्तन प्रभारी, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उधर, उप्र विकास प्राधिकरण डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश द्विवेदी एवं सचिव हरिओम त्यागी ने अवर अभियंताओं के साथ बैठक कर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चर्चा की। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश को विभिन्न मांगों के समर्थन में ज्ञापन भी भेजा गया है। इसमें मुख्य रूप से अवैध निर्माण व नक्शे के विपरित निर्माण पर होने वाली कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन प्रभारी की उपस्थिति को अनिवार्य करने की मांग उठाई गई हैं। अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान उसी जोन के प्रवर्तन प्रभारी को भी मौके पर मौजूद रहने की मांग की गई है।
अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि जीडीए के सभी अवर अभियंता अधिकारियों के निदेर्शों का पालन करते हैं,अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान जोन के प्रवर्तन प्रभारी को भी मौके पर मौजूद रहना चाहिए ताकि कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से हो सके। इस दौरान पयाज्प्त पुलिस बल की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कई बार स्थानीय लोगों का विरोध होने के कारण अप्रिय घटनाएं हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि अवैध व नक्शे के विपरित निर्माण के खिलाफ लिखित में प्रवर्तन प्रभारी ही आदेश देते हैं। इस कारण अवैध व नक्शे के विपरित निर्माण करने वालों के खिलाफ उन्हें ही मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। जबकि अभी तक मुकदमा दर्ज कराने की जिम्मेदारी अवर अभियंताओं को दी हुई है। उन्होंने मांग उठाई है कि आईजीआरएस,आरटीआई व अन्य माध्यमों से आने वाली शिकायतों का भी सत्यापन होना चाहिए। शिकायतकर्ता से पहचान पत्र भी लेना चाहिए। कई बार लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण गलत शिकायत करते रहते हैं।
















