जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी पर होगा एक्शन
गाजियाबाद। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निदेशक डॉ. डीपी मथुरिया ने अर्थला झील के हिस्से पर अवैध निर्माण के प्रकरण को गंभीरता से लिया है। सप्ताहभर के भीतर झील के हिस्से पर अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों पर एक्शन लेने के आदेश दिए हैं। इसके साथ-साथ वस्तुस्थिति से अवगत कराने के आदेश दिए गए हैं। पर्यावरणविद् आकाश वशिष्ठ की संस्था ने अर्थला झील के हिस्से पर अवैध निर्माण के मामले को जलशक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों के सामने उठाया था। वशिष्ठ ने बताया कि तालाब की जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के नाम पर केवल औपचारिकता हो रही है। समय समय पर एनजीटी द्वारा भी तालाब की जमनों से अवैध कब्जे हटाते हुए उनके जीर्णोद्धार के आदेश दिए गए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि अभी भी तालाब की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं। तालाब की जमीनों पर अवैध निर्माण के लिए संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों पर एक्शन से भी विभाग प्रमुख कतरा रहे हैं। हाल में कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता की गई।
















