गाजियाबाद। आउटसोर्सिंग फर्म के साथ अनुबंध पूर्ण नहीं होने और फर्म द्वारा कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा का लाभ नहीं दिए जाने के विरोध में दस सूत्रीय मांगो को लेकर मेरठ में चल रहे संविदा लाइनमैनों की हड़ताल को जिला गाजियाबाद की कमेटी ने अपना समर्थन देते हुए मंगलवार को संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चित कालीन सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान राजनगर में संविदा कर्मियों चीफ इंजीनियर ऑफिसर पर प्रदर्शन करते हुए डीएम, एसएसपी, विद्युत चीफ इंजीनियर, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
जिलाध्यक्ष महेश समानिया ने बताया कि जनपद में लाइनमैनों की आपूर्ति का ठेका 30 सितंबर तक बेसिल कंपनी के पास था। पीवीवीएनएल ने इसके बाद 31 मार्च, 2022 तक ईजी सोर्स एचआर सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दे दिया। मगर इस फर्म ने अभी तक न तो किसी भी लाइनमैनों के साथ अनुबंध किया है और न ही उनकी मुख्य मांग दुर्घटना होने पर प्राथमिक चिक्तिसा कराने के लिए सहमति दी है। जिसे विद्युत कर्मचारियों में आक्रोश है।
पिछले करीब 10 दिनों से पश्चिमांचल में निविदा संविदा कर्मचारी संगठन के बैनर तले दस सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी मेरठ में लगातार हड़ताल पर है। मंगलवार को निविदा संविदा कर्मचारी सेेवा समिति ने अपना समर्थन देते हुए अनिश्चितकाली के लिए हड़ताल पर चले गये। जब तक मांगे पूरी नही की जाती तब अनिश्चितकाली हड़ताल जारी रहेगी।
उपाध्यक्ष योगेश त्यागी ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के द्वारा अपने अधिकारियों को लगातार अवगत कराया जाता है कि कर्मचारी जो बिजलीघर में लगातार विद्युत व्यवस्था को संभालने का कार्य कर रहे है। वह किसकी जिम्मेदारी पर बिजलीघर में कार्य करें, अगर किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, इलाज कौन कराएगा। विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के प्रति चिंतित नही है। उनकी उदासीनता के चलते कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। जिसे बर्दास्त नही किया जाएगा। इस मौके पर मौ. काशिफ, अमित खारी, विनोद कुमार, रामभूल सैनी, संजय कुमार, बब्लू सिंह, दुष्यंत चौधरी, राजीव चोपड़ा, विजेन्द्र भाटी, मान सिंह, किरणपाल सिंह, नीरज त्यागी, देवराज सिंह, किरनपाल आदि विद्युत कर्मचारी मौजूद रहे।















