नगर निगम ने शहर में आरंभ किए विभिन्न अभियान
गाजियाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में शहर की अव्वल रैंकिंग के लिए नगर निगम कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इसके लिए चोमू वर्सेस चैम्पियन अभियान भी शुरू कराया गया है। गंदगी फैलाने पर चोमू की उपाधि दी जा रही है। शहर को स्वच्छ बनाने में स्कूल, अस्पताल,कंपनियों के अलावा स्वयंसेवी संगठनों, आरडब्ल्यूए आदि भी पूरा सहयोग लिया जा रहा है। फरवरी अंत तक नगर निगम 2 कूड़ा प्रोसेसिंग यूनिट भी चालू हो जाएंगी। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि शहर में सबसे बड़ी समस्या अब से पहले कूड़ा निस्तारण की थी। कूड़ा निस्तारण के लिए 2 प्रोसेसिंग यूनिट चालू होने के बाद शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रैंकिंग में यह कारगर साबित होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में शहर की अव्वल रैंकिंग प्राप्त करने को स्कूलों का सहयोग लिया जा रहा हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर ने स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस बार स्वच्छ भारत मिशन कोरोना संक्रमण के कारण कई माह की देरी से शुरू हो रहा है। शहर की रैंकिंग अव्वल लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। प्लास्टिक यूज न करने से लेकर गंदगी न फैलाने समेत कई प्रकार के अभियान नागरिकों को जागरूक करने के लिए चलाए गए हैं। उधर, नगर निगम द्वारा शौचालयों के निर्माण से लेकर सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के अलावा खुले मेें शौच रोकने हेतु सभी 5 जोन अंतर्गत शौचालयों के निर्माण किए गए हैं। नगरायुक्त का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल रैंकिंग प्राप्त करने को शहर में मुख्य फोकस सफाई व्यवस्था, बेहतर पानी की आपूर्ति, शौचालयों के निर्माण, दीवार पेंटिंग, थीम आधारित एलईडी स्क्रीन लगवाने से लेकर अवैध रूप से संचालित डेयरी को बंद कराने और गोबर को एकत्र कर जैविक खाद तैयार कराने पर है। इसके लिए गोबर बैंक का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, शहर में लगभग 350 से 400 मीट्रिक टन कूड़ा-कचरे का 2 प्रोसेसिंग यूनिट चालू होने के बाद निस्तारण हो सकेगा। इन दोनों यूनिट के चालू होने के बाद शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार होगा। वहीं, नगर निगम गठन के 25 साल बाद अब शहर में कूड़ा-कचरे की समस्या का भी काफी हद तक निस्तारण हो सकेगा। नगर निगम और निजी कंपनी द्वारा कचरे का प्रोसेसिंग के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर यह दोनों प्रोसेसिंग यूनिट फरवरी अंत तक बनकर तैयार होने के बाद चालू हो जाएंगी। इनमें कूड़े का निस्तारण हो सकेगा। म्युनिसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि जन-समस्याएं सुनने के लिए फेसबुक पर लाइव होने के साथ कंट्रोल रूम के जरिए समस्याएं निस्तारित कराई जा रही है। इन सभी प्रक्रिया के कारण इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में रैंकिंग अव्वल प्राप्त होने की उम्मीद है। बता दें कि नगर निगम ने 2 साल पहले प्रताप विहार स्थित डंपिंग ग्राउंड साइट एनजीटी के आदेश पर बंद करा दी थी। इसके बाद नगर निगम के पास कचरा निस्तारण के संसाधन नहीं बचे थे। इसकी वजह से वर्ष-2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर निगम की रैंकिंग घटकर 31 पर पहुंच गई थी। म्युनिसिपल कमिश्नर ने कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड साइट तैयार करने की बजाए इंदौर और गोवा की तर्ज पर वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का निर्णय लिया। नगर निगम के सभी 5 जोन में एक-एक यूनिट लगाकर प्रत्येक जोन का कचरा निस्तारित कराए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। सिटी जोन क्षेत्र में सिहानी और नंदग्राम में कचरा यूनिट पहले लग जाएगी।















