नोडल अधिकारी ने महत्वपूर्ण बैठक में दिए दिशा-निर्देश
गाजियाबाद। जनपद के नोडल अधिकारी एवं आबकारी आयुक्त डॉ. सेंथिल पांडियन सी ने शांति एवं कानून व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ अपराधियों एवं भू-माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा है कि अपराधियों को कतई बख्शा न जाए। जिला मुख्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल ने जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था को कायम रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भू-माफिया के खिलाफ भी निरंतर कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजस्व वसूली के अलावा विकास योजनाओं की भी समीक्षा की। नोडल अधिकारी ने जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ गहनता से विचार विमर्श किया। समीक्षा में पाया कि बीते साल के सापेक्ष जिले में अपराधों में कमी आई है। उन्होंने डीएम एवं एसएसपी को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ताकि जिले में अपराधों पर काबू पाया जा सके। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों और भू-माफियाओं को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई कर गैंगस्टर लगाने और जिला बदर करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी को एसएसपी पवन कुमार ने अवगत कराया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में नोडल अधिकारी पांडियन ने जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकासकारी योजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों के साथ जन कल्याण की योजनाओं का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन कराना सरकार की प्राथमिकता है। जिले में कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी कार्य करें। बैठक के बाद नोडल अधिकारी पांडियन बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित संभागीय परिवहन कार्यालय का निरीक्षण करने के लिए भी पहुंचे।
राजस्व वसूली और विकास योजनाओं की समीक्षा
नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल पांडियन ने जिले में आर्थिक व्यवस्था, राजस्व वसूली और विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए कि राजस्व प्राप्ति की जहां से संभावना बनें। वहां से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर राजस्व वसूली सुनिश्चित कराई जाए। राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारी विशेष प्रयास करते हुए अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश स्तर पर जिन विभागों की रैंकिंग श्रेणी-डी में आती है। ऐसे विभाग अपनी प्रभावी कार्ययोजना बनाकर स्वंय नियमित समीक्षा करें। आगामी माह में ए-श्रेणी प्राप्त करें। जिलाधिकारी एवं सीडीओ के मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपेक्षा हो तो उसे समय से प्राप्त करें।
उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सकों, दवाई उपलब्धता,स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, टीकाकरण, पंचायती राज विभाग के तहत 14वां एवं 15वां वित्त आयोग, कायाकल्प योजना में कराए जा रहे कार्यों, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान,छात्रवृत्ति वितरण,मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना,पेंशन योजना,दिव्यांगजन सशक्तीकरण पेंशन योजना, प्रोबेशन विभाग, ग्राम विकास के तहत मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना अवस्थापना सुविधाएं, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, खाद्य एवं रसद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, आधार प्रमाणीकरण खाद्यान्य वितरण के बारे में जानकारी ली।















