10 दिवसीय टीबी खोज अभियान शुरु
स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने किया जागरूकता रैली का शुभारम्भ
गाजियाबाद। जिले में शनिवार से टीबी मरीजों की खोज के लिए अभियान की शुरुआत की गई। 10 दिनों तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ की। इसके साथ ही उन्होंने टीबी विभाग को मिली नई डिजिटल एक्स-रे मशीन का भी शुभारंभ किया। टीबी विभाग में एक्स-रे मशीन लगने से अब मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों की तर्ज पर तैयार कर रही है। आधुनिक मशीनें लगवाई जा रही हैं जिससे गरीब तबके को इलाज मिल सकें। सरकारी अस्पतालों में परम्परागत मशीनों के साथ ही डिजिटल जांच मशीनें भी दी जा रही हैं ताकि मरीजों को और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा गंभीर जांचों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को संविदा पर तैनात किया जा रहा है जिससे लोगों को सस्ता इलाज उपलब्ध हो सकें। सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद को बेहतर इलाज मिल सके। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 तक देश को पूरी तरह से टीबी मुक्त करने की योजना तैयार की गई है। योजना के तहत पूरे देश में टीबी की जांच और उपचार के संसाधन मुहैया करवाने के साथ टीबी मरीजों को पुष्टाहार राशि भी प्रदान की जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2021 का पहला सघन टीबी मरीज खोज अभियान शनिवार से शुरु किया गया। 10 दिनों चलने वाले इस अभियान के दौरान टीबी विभाग 7.2 लाख आबादी को कवर करेगा। इस दौरान टीबी विभाग की टीमें 144000 घरों में विजिट करेंगी और परिवार के सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग करेंगी। स्क्रीनिंग के दौरान जिसमें टीबी के लक्षण मिलेंगे, उनकी जांच की जाएगी। इस अभियान के लिए टीबी विभाग में 195 टीमों का गठन किया गया है और 39 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। पूरे अभियान की निगरानी के लिए 13 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। टीबी विभाग के पास पिछले 12 साल से अपनी एक्स-रे मशीन नहीं थी। टीबी मरीजों को एक्स-रे के लिए जिला एमएमजी अस्पताल भेजा जाता था। इससे एमएमजी अस्पताल के सामान्य मरीजों में भी टीबी का संक्रमण फैलने का खतरा रहता था। कई बार भीड़ ज्यादा होने के चलते टीबी के मरीजों को घंटों एक्स-रे के लिए इंतजार करना पड़ता था या फिर उन्हें पैसे खर्च करके निजी लैब पर एक्स-रे करवाना पड़ता था। डीटीओ डॉ. जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले तीन साल से टीबी विभाग एक्स-रे मशीन के लिए प्रयास कर रहा था। शासन से मशीन स्वीकृत होने के बाद कोरोना संक्रमण शुरु हो गया, जिसके चलते मशीन नहीं आ सकी थी। अब मशीन विभाग को प्राप्त हो गई है और उसे टीबी जांच कक्ष के बराबर वाले कमरे में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग को प्रतिदिन 40 से 60 लोगों का एक्स-रे करवाने की जरूरत होगी है। अब उनके एक्स-रे विभाग में ही हो सकेंगे। इस दौरान सीएमओ डॉ.एनके गुप्ता, संजय यादव आदि मौजूद रहे।















