-यातायात प्रबंधन योजना के लिए धरातल पर प्रयाश शुरू
गाजियाबाद। उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के तहत कौशांबी में व्यापक यातायात प्रबंधन के लिए नगरायुक्त, अपर जिलाधिकारी (नगर), पुलिस अधीक्षक (यातायात) व अन्य अधिकारियों सहित रूट का जायजा लिया गया। कौशांबी अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए द्वारा याचिका दाखिल की गई, जिसमें ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यावरण प्रदूषण और नगर पालिका के ठोस कचरे की डंपिंग जैसे कई मुद्दों को उठाया गया है।
ट्रैफिक प्रबंधन के क्रम में नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर द्वारा यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी से कौशांबी मेट्रो स्टेशन, कौशांबी पार्किंग, कौशांबी चौराहा, आनंद विहार बस अड्डा, एंट्री आनंद विहार व कौशांबी पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ऑटो रिक्शा बस को व्यवस्थित करने के लिए भ्रमण किया गया।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी समस्या वाहनों के पार्किंग की सामने आई, जिस हेतु नगरायुक्त व अन्य अधिकारियों द्वारा महाराजपुर व सौर ऊर्जा मार्ग पर पार्किंग व्यवस्था बनाने के लिए योजना बनाते हुए निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (नगर) शैलेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामानंद कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह, रोडवेज आरएम ए.के. सिंह, आरटीओ राघवेंद्र सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर बीपी गुप्ता, परमहंस तिवारी, थानाध्यक्ष कौशांबी महेंद्र प्रताप उपस्थित रहे।
उच्चतम न्यायालय द्वारा कौशांबी गाजियाबाद रूट के लिए एक व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन योजना बनाने के लिए समिति बनाई गई, जिसके आदेश के क्रम में जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एम आर शाह तथा जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने 9 सदस्य कमेटी का गठन किया, जिसमें संभागीय आयुक्त मेरठ, जिलाधिकारी गाजियाबाद, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष, नगरायुक्त गाजियाबाद, यूपीएसआरटीसी के अध्यक्ष, नगरायुक्त पूर्वी दिल्ली नगर निगम, पुलिस आयुक्त नामित वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली सरकार के एनसीटी परिवहन सचिव को शामिल किया गया है। कमेटी का नोडल अधिकारी जिलाधिकारी गाजियाबाद को बनाया गया है।













