कोरोना से जंग के मामले में टीकाकरण ही एकमात्र उपाय: डॉ अनुज अग्रवाल
गाजियाबाद। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग को और अधिक मजबूत करने के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के तहत देश में अब 10 अप्रैल से 18 साल से ऊपर वाले लोगों को भी बूस्टर डोज या प्रीकॉशन डोज लगाई जाएगी। दरअसल भारत में कोरोना पर काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन अभियान को तेज गति से चलाया गया। इसी कड़ी में देश में अब तक 185 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की खुराक लगाई जा चुकी है।
जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। सरकार द्वारा घोषित किया गया है कि जिनकी आयु 18 वर्ष है और उन्होंने दूसरी खुराक लेने के 9 महीने पूरे कर लिए हैं, वे निजी टीकाकरण केंद्रों पर एहतियाती खुराक ले सकते हैं। इससे पहले केवल स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों सहित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ही एहतियाती खुराक दी जा रही थी। अब कोई भी व्यक्ति जिसे इसकी जरुरत महसूस हो या जिसे डॉक्टर ने ऐसी सलाह दी हो, तो वो बूस्टर डोज लगवा सकता है। इसका ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा, जो विदेश यात्रा के लिए जा रहे हैं।
यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स कौशांबी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुज अग्रवाल ने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी में भी 11 अप्रैल से कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों की बूस्टर डोज उपलब्ध होगी। कोविड बूस्टर डोज लगवाने के लिए कोविड वैक्सीन दूसरी डोज से बूस्टर डोज के बीच में 9 महीने का अंतर होना चाहिए। उम्मीद है कि सरकार द्वारा कोविन पोर्टल में वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन एवं प्रबंधन की व्यवस्था को 10 तारीख से पहले उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिससे कि लोग पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कर अपना बूस्टर डोज टीका लगवाने आ सके।
उन्होंने बताया कोरोना पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है, लेकिन अभी भी सावधान रहने की जरुरत है। कोरोना के मामले में टीकाकरण ही बचाव का एकमात्र उपाय है।















