- युवतियों को जिम्मेदारी का अनुभव देकर विकसित होता है नेतृत्व कौशल, समाज में जागरूकता: धवल जायसवाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने एक सराहनीय पहल की। इस अभियान के अंतर्गत मंगलवार को महर्षि विद्यापीठ स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा ईशिका, पुत्री अमित कुमार, निवासी ग्राम महरौली, थाना कविनगर, को एक दिन के लिए पुलिस उपायुक्त (नगर) के रूप में नियुक्त किया गया।
पुलिस उपायुक्त नगर का कार्यभार संभालते ही ईशिका ने पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में जनसुनवाई की अध्यक्षता की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर छात्रा ने कहा कि यह मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है कि मुझे इस जिम्मेदारी का अनुभव मिला। मिशन शक्ति हमें आत्मविश्वास देता है और समाज की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करता है। मैं चाहती हूं कि सभी छात्राएं निर्भीक होकर आगे बढ़ें और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
पुलिस उपायुक्त (नगर) धवल जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य छात्राओं को जिम्मेदारी का अनुभव देना और उनके नेतृत्व कौशल को विकसित करना है। उन्होंने बताया कि जब युवतियां कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को करीब से देखती हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। ईशिका जैसी छात्राएं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। हमारा प्रयास है कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति नई सोच विकसित हो। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह पहल न केवल छात्राओं में सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व कौशल को बढ़ावा देती है, बल्कि युवाओं को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर यह संदेश स्पष्ट हुआ कि समाज की आधी आबादी को सशक्त किए बिना विकास संभव नहीं है। छात्रा ईशिका का यह अनुभव न केवल उनके लिए, बल्कि अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के माध्यम से यह साबित कर दिया कि सशक्त महिलाएं ही सशक्त समाज और सुरक्षित राष्ट्र का आधार हैं। इस पहल से युवाओं और नागरिकों में जागरूकता बढ़ी है और समाज में नारी सुरक्षा, सम्मान और नेतृत्व क्षमता के महत्व को उजागर किया गया।















